bhaskar Web English
HomeNewsChhattisgarhRaipur Raipur

हिंसा की लपटें और हादसों का तांडव

सिमगा/पिथौरा/कोंडागांव. violance राजधानी रायपुर से महज 45 किमी दूर सिमगा गुरुवार को रावण दहन से पहले ही धधक उठा। सुबह करीब 9.30 बजे पुलिस की ज्यादती और फिर सड़क हादसे में किशोर की मौत ने श्रद्धालुओं के जत्थों को हिंसक भीड़ में तब्दील कर दिया।

एक-एक कर 10 गाड़ियां फूंक दी गईं। थाने पर पथराव हुआ और पुलिस अफसर की पिटाई कर दी गई। राज्य में सड़कों पर ऐसी हिंसा पहले नहीं हुई। किसी तरह दफा 144 लगाकर हालात काबू किए गए। लगभग इसी वक्त रायपुर से 80 किमी दूर महासमुंद जिले में पिथौरा के सिंघनपुर गांव में एक हादसे में मारे गए चार लोगों की चिताएं भी जल रही थीं।

सिंघनपुर में बुधवार को देर रात रामलीला के पात्रों से भरी पिकअप वैन बेकाबू होकर भीड़ में इस तरह घुसी कि 21 लोगों को कुचल डाला। हादसे में तीन महिलाओं समेत चार लोग मारे गए। कल देर रात, रायपुर-जगदलपुर नेशनल हाईवे पर बनियागांव से दुगरेत्सव देखकर लौट रहे नौजवान पति-पत्नी समेत तीन लोगों की सड़क हादसे में जान चली गई।

सिमगा में गुरुवार को सुबह दुर्गा विसर्जन झांकी के दौरान शुरू हुआ हिंसा का सिलसिला दोपहर तक भारी हिंसा और आगजनी में तब्दील हो गया। सुबह 9.30 बजे विसर्जन झांकी के जुलूस में शामिल मोटर मेकैनिक को पुलिस ने पीटा तो गुस्साई भीड़ ने एएसआई की पिटाई कर दी, थाने पर जमकर पथराव किया और सुहेला थाने की जीप फूंक दी। ठीक इसी वक्त खबर फैली कि एक बस ने किशोर को कुचल दिया।

इसके बाद भीड़ बेकाबू हो गई और एक-एक कर 10 मिनीबसों को फूंक दिया। एक बस को शिवनाथ के पुल से गिराकर आग लगाई गई। हालात काबू में करने के लिए सिमगा में दोपहर 3 बजे धारा 144 लगा दी गई। रायपुर से गई भारी फोर्स ने किसी तरह हालात काबू में किए। सिमगा में नवमीं के फौरन बाद सांग के साथ शिवनाथ में प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हुआ जो आज सुबह तक चला। विसर्जन मार्ग पर पांच हजार से ज्यादा श्रद्धालु थे। इसी दौरान व्यवस्था को लेकर सिमगा थाने के एक सिपाही ने आनंद चौरसिया की पिटाई कर दी। हंगामा मचा तो सिमगा नगर पंचायत अध्यक्ष हरदीप सिंह भाटिया भी पहुंच गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सिपाही ने भाटिया से र्दुव्‍यवहार करने की कोशिश की तो भीड़ भड़क गई और सिपाही को घेर लिया। इसी बीच, कुछ गुस्साए लोगों ने वहीं खड़े एएसआई रामशरण ठाकुर पर हमला कर दिया।

एएसआई थाने की ओर भागा। 500 से ज्यादा लोग पीछे-पीछे थाने पहुंच गए और पथराव शुरू कर दिया। पत्थरबाजी में आधा दर्जन लोग घायल हो गए। पुलिस ने वहां से भीड़ को खदेड़ा तो लौटते लोगों ने रास्ते में सुहेला थाने की जीप में जमकर तोड़फोड़ की।

मौत की खबर से भीड़ बेकाबू : विवाद शांत होता नजर आ रहा था, तभी सिमगा में खबर फैली कि शहर के कौशल निषाद (16) को बेमेतरा रोड पर जीवन ट्रैवल्स की बस ने कुचल दिया। कौशल की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उग्र भीड़ ने पूरे सिमगा में जमकर तांडव किया। हादसे की जिम्मेदार बस को रोककर उसे फूंक दिया गया। हिंसक भीड़ में विसर्जन जुलूस के लोग भी शामिल हो गए। कुछ देर बात एक और बस को रोककर शिवनाथ के पुल से नीचे धकेला और आग लगा दी। इसके बाद पूरे सिमगा में भीड़ ने ढूंढ़-ढूंढ़कर बसों को आग लगाई। दोपहर 1 बजे ये आलम था कि बेमेतरा मार्ग पर पांच बसें धू-धू कर जल रही थीं। वहां से लौटी भीड़ ने सिमगा तिराहे पर एक बस फूंकी, फिर बस स्टैंड जाकर दो और बसों को आग लगा दी। पुलिस कम थी, इसलिए तमाशबीन बनी रही। रायपुर से फोर्स गई, तब लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ा और आग बुझाई।

शहर बंद, लोग दहशत में : पथराव और आगजनी से सिमगा शहर में दहशत फैली रही। दुकानें बंद रहीं, लोग घरों से नहीं निकले। धारा 144 दोपहर के बाद लगी, लेकिन दिनभर कफ्यरू का माहौल रहा। किशोर बेटे कौशल की मौत से व्यथित पिता और परिजनों ने शाम 5 बजे तक शव सड़क से नहीं उठाया। करीब तीन घंटे की कोशिश के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। हिंसा और आगजनी की घटनाों से रायपुर-बिलासपुर और कवर्धा मार्ग पर आवाजाही ठप हो गई तथा हजारों वाहन देर शाम तक फंसे रहे।

रामलीला देखने पहुंचे चार मरे
महासमुंद जिले में पिथौरा के सिंघनपुर गांव में बुधवार की रात 10.30 बजे रामलीला के पात्रों को राम विवाह प्रसंग के लिए लाने वाली पिकअप ही भीड़ में घुस गई। इस हादसे में एक परिवार की तीन महिलाओं समेत चार लोगों की मौत हो गई। इस गांव में हर साल तीन दिवसीय रामलीला होती है और तीन-चार गांव के लोग इकट्ठा रहते हैं। हादसा दूसरे दिन हुआ। वहां परंपरा है कि रामलीला के सारे पात्र कुछ दूर महादेव मंदिर जाकर पूजा करते हैं, फिर लौटते हैं।

पिकअप में सारे पात्र सवार थे। राम लक्ष्मण का इंतजार हो रहा था। वाहन के आसपास भीड़ लगी थी। ठीक इसी समय वाहन अचानक चल पड़ा और तेजी से 21 लोगों को रौंदता हुआ करीब 50 मीटर दूर जाकर रुका। इसे गांव का ही जयलाल साहू चला रहा था। हादसे के बाद वह भाग निकला। हादसे में मालती निषाद (25), उसकी सास शांतिबाई (45) और मंगलूराम कोसरिया (40) की मौके पर ही मौत हो गई। मालती की एक और रिश्तेदार सुमरित बाई (40) ने महासमुंद अस्पताल में दम तोड़ा। 14 लोग घायल हुए, जिनमें से कुछ को गंभीर चोटें हैं। महासमुंद अस्पताल में इनका इलाज चल रहा है।

हाईवे पर मौत का तांडव
रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर कोंडागांव से कुछ दूर दुर्गा देखकर मोटरसाइकिल से लौट रहे दंपत्ति को रात 10.30 बजे रायपुर जा रहे ट्रक ने रौंद डाला। हादसे में फूलचंद (25) और उसकी पत्नी दावनीबाई (22) की मौत हो गई। घटना के एक घंटे बाद ही कोंडागांव में एक अज्ञात वाहन ने संतोष पिता मयाराम (27) को टक्कर मारी। संतोष की कुछ देर बाद मौत हो गई। वह मरारपारा का रहनेवाला था।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: