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बुराई के प्रतीक दशानन का दहन

कोरबा. लोग आतिशबाजी व रामलीला देखने दशहरा मैदान में उमड़े रहे। बुराई व असत्य की विकृतियों के रूप में माने जाने वाले रावण के पुतले का दहन विजयदशमी के मौके पर भगवान श्रीराम ने किया। इस दौरान हुई आतिशबाजी व पटाखों के शोर से शहर गुंजायमान रहा। इस नजारे को देखने सभी स्थलों पर भारी भीड़ रही, जिन्होंने इस मौके का आनंद उठाया।

दशहरे के दौरान सड़कों व उत्सव मैदान पर उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। सड़कों पर जाम की स्थिति रही। अलग-अलग स्थानों पर अलग लुक में नजर आने व तकनीकी इस्तेमाल से निर्मित इन पुतलों के दहन के दौरान उनकी दहाड़, आंखे लाल होना व अन्य कला को देख लोग अचंभित रहे।

एचटीपीपी र्दी के लाल मैदान में जिले में सबसे ऊंचा 90 फीट के रावण का पुतला जलाया गया, जो दहन के पूर्व सिर घुमाते हुए तलवार लहरा रहा था, मुंह से आग व धुंआ भी निकाल रहा था। यहां कटघोरा, छुरी, बांकीमोंगरा, बलगी, एनटीपीसी, रूमगरा, शिवनगर समेत अन्य क्षेत्रों से लगभग 20-25 हजार लोग रावण दहन देखने पहुंचे जो आकर्षक पुतले व आतिशबाजी का आनंद उठाते रहे। एनटीपीसी जमनीपाली, र्दी में भी रावण पुतले का दहन किया गया। यहां भी खासी भीड़भाड़ रही। नगर में सबसे पुराने व कई दशकों से मनाए जाने वाला पुराना बस स्टैंड स्थित रावण दहन समारोह में दूर दराज गांव से लोग पहुंचे। यहां रावण का पुतला रथ में सवार नजर आया।

दहन उत्सव के साथ-साथ खरीददारियों में भी लगे थे। मुड़ापार मैदान स्थित दशहरा मैदान में 50 फीट के पुतले ने दहन से पूर्व ललकारा। शहर के बीचोंबीच होने से यहां भीड़भाड़ रही। निहारिका कोसाबाड़ी स्थित दशहरा मैदान में भी निर्मित 40 फीट ऊंचे पुतले के दहन के दौरान भव्य आतिशबाजी की गई, जिसे देखकर चकित रह गए। महाराणा प्रताप नगर, इंदिरा विहार कालोनी, टीपी नगर, गजरा, बलगी में भी आतिशबाजी के साथ पुतला दहन किया गया।

बालकोनगर के रामलीला मैदान में भी 60 फीट ऊंचे पुतले के दहन को देखने लेमरू, सतरेंगा, देवपहरी, बेला, दोंदरो, नकटीखार, रिसदा व अन्य ग्रामों समेत आसपास बस्ती व कालोनियों से लगभग 20-22 हजार की संख्या में लोग यहां पहुंचे थे, जो रामलीला के साथ-साथ रावण दहन व आतिशबाजी का नजारा देख रोमांचित हुए। यहां रावण दहन से पूर्व पूजा पंडालों में विराजित माता दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के लिए ले जाने की रीति होने के कारण रामलीला मैदान के सामने से 3-4 समितियां धूमधाम से माता की प्रतिमा लेकर रवाना हुई।

इस दौरान खासी भीड़भाड़ को नियंत्रित करने पुलिस को भी मशक्कत करना पड़ा। बालको में वनांचल क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों ने रावण दहन व रामलीला का आनंद उठाया। प्रगति नगर, ऊर्जा नगर, शक्ति नगर दीपका, सर्वमंगला नगर, विकास नगर कुसमुंडा में भी रावण दहन किया गया। ग्रामीण अंचलों में करतला, कुदमुरा, नोनबिर्रा, अजगरबहार, हरदी बाजार, रजगामार, उरगा, भैंसमा, उमरेली, कोथारी, सोहागपुर, नोनबिर्रा, कटघोरा, पाली, में भी धूमधाम से रावण का दहन किया गया।

कोहड़िया में 12 को व मड़वारानी में 14 को दशहरा
दशहरे के दूसरे दिन गेवरा बस्ती, रलिया, पाली, पड़निया, में रावण दहन होगा, वहीं 12 अक्टूबर को महापौर लखनलाल के गृहग्राम कोहड़िया में धूमधाम से सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच पुतला दहन होगा। इसके बाद मड़वारानी में रावण जलाया जाएगा। बालको के समीप ग्राम बेला में भी दशहरा मनाने की तैयारी की गई है।

सड़कों पर भीड़ हुई अनियंत्रित
रावण दहन का समय अलग-अलग होने से लोग परेशान हुए। पिछले वर्ष पुलिस ने एक ही समय में रावण दहन कार्यक्रम तय किया था, जिससे लोगों की भीड़ बंट गई थी। इस वर्ष इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। आयोजन समितियांे ने रावण दहन का समय तय किया। कहीं आधा घंटा पहले, तो कहीं एक घंटे बाद रावण का पुतला जलने से एक जगह से निकले लोग दूसरी जगह पहुंचने जल्दबाजी में नजर आए। सुरक्षा व शांति व्यवस्था के लिए तैनात पुलिसकर्मियों को मशक्कत करनी पड़ी।

पुलिस की चौकस व्यवस्था
पुलिस-प्रशासन ने दशहरा उत्सव आयोजन समिति के पदाधिकारियों को पहले ही एलर्ट कर दिया था। उत्सव के दौरान मुख्य मार्गो व आयोजन स्थलों पर पुलिस विभाग ने जिला पुलिस बल के अलावा रायगढ़ व अन्य स्थानों से आई फोर्स की ड्यूटी आयोजन स्थल व प्रमुख स्थानों पर लगाई थी। यातायात पुलिस को जिम्मेदारी दी गई थी। सड़कों पर यातायात बाधित न हो व आयोजनस्थल पर जाम की स्थिति निर्मित न हो इसके लिए यातायात कर्मी डटे रहे। वहीं अपने-अपने क्षेत्रों में थाना चौकी प्रभारी भी पेट्रोलिंग व कर्मियों को समय-समय पर दिशानिर्देश देते नजर आए। एसपी रतनलाल डांगी व एडिशनल एसपी श्री कोसिमा पेट्रोलिंग कर भीड़ की स्थिति की जानकारी लेते रहे।

क्षत्रियों ने की शस्त्र पूजा
दशहरे पर क्षत्रिय समाज द्वारा परंपरागत रूप से शस्त्रों की पूजा की जाती है। राजपूत क्षत्रिय समाज जिला इकाई ने बुधवारी बाजार स्थित राम-जानकी मंदिर में पारंपरिक शस्त्र पूजा आयोजित की। वहीं पुलिस विभाग ने पुलिस लाइन में एसपी रतनलाल डांगी, एएसपी श्री कोसिमा, जेएस ठाकुर, टीआई कोतवाली सुभाष सिंह, आरआई सतीश कुमार ठाकुर व अन्य अधिकारी कर्मचारियों की उपस्थिति में विभागीय शस्त्रों की पूजा अर्चना की गई।

दहन से पहले फूंका गया पुतला
आठ अक्टूबर को असामाजिक तत्वों ने सेमीपाली, उरगा व भैसमा में समिति द्वारा निर्मित रावण के पुतले में आग लगा दी। भैंसमा में कुछ देर बाद आग पर काबू पा लिया गया, पर सेमीपाली में निर्मित पुतला राख में तब्दील हो गया। सूचना उरगा पुलिस को दे दी गई। पुलिस ने कुछ संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।





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