bhaskar Web English
HomeNewsMetrosMumbai Mumbai

डैड का जवाब नहीं

जब मैंने होश संभाला, मैंने महसूस ही नहीं किया कि मेरे डैडी सुपर स्टार हैं। वह शुरू से ही बहुत सामान्य और समíपत पिता साबित हुए। मैं अगर कहता था कि डैडी कल यह.., तो वह वाक्य पूरा होने से पहले समझ जाते थे कि मुझे क्या चाहिए।

जब मैं स्कूल में था, पैरेंट्स मीटिंग हो डैडी आम डैडी की तरह स्कूल पहुंच जाते थे। मुझे याद है कि जब मैं स्विट्Êारलैंड के बोर्डिग स्कूल में पढ़ता था, एक मैच खेलने के दौरान मेरी टांग फ्रैक्चर हो गई थी। मैंने डैडी को फ़ोन किया। उन्होंने तुरंत शूटिंग छोड़ी, एअरपोर्ट पहुंचे और अगले दिन मेरे साथ थे। इसी तरह दादाजी-दादीजी की बीमारी हो या परिवारजनों का कोई और सुख-दुख, डैडी ने हमेशा परिवार को प्राथमिकता दी।

दादाजी से जो डैडी ने सीखा, वही डैडी से मैं सीख रहा हूं। असफलता और निराशा से लड़ने के लिए डैडी ने दादाजी से एक वाक्य सीखा था- ‘मन का हो तो अच्छा, न हो तो और भी अच्छा।’ मैं भी इसी दर्शन में विश्वास करने लगा हूं। वैसे दादाजी एक बड़ी अच्छी बात डैडी को सिखाकर गए, जो ख़ासकर मेरे लिए बहुत फ़ायदेमंद साबित हो रही है।

उन्होंने डैडी से कहा था कि जब तन के कपड़े और पैर का जूता अपने बेटे को फिट बैठने लगे, तो उसे बराबर का समझते हुए दोस्त की तरह बर्ताव करना चाहिए। जब मैं 12-14 साल का था, सौभाग्य से तभी से डैडी के कपड़े और जूते मुझे फिट होने लगे थे। नतीजा यह कि डैडी के वार्डरोब से उनके पसंदीदा पैंट-शर्ट और फुटवेयर निकालकर शान से पहनता हूं।

पहले जब मैं पढ़ता-सुनता था कि नए कलाकार डैडी के साथ काम करने से डरते हैं, तो मुझे हंसी छूटती थी। लेकिन नए कलाकारों के डर की सच्चई को मैंने तब महसूस किया, जब ख़ुद मैंने पहली बार उनके साथ कैमरे का सामना किया। दुर्भाग्य से यह फ़िल्म अपने मुहूर्त के बाद ही बंद हो गई। उस मुहूर्त शॉट के लिए काफ़ी रिहर्सल करने के बावजूद मैं अंदर से कांप रहा था कि आज मैं एक्टर अमिताभ बच्चन के सामने खड़ा हूं। ख़ैर, एक बार साथ में काम कर लेने के बाद हर कोई उनके साथ बार-बार काम करना चाहता है।

डैडी परिवार में सभी का जन्मदिन न सिर्फ़ याद रखते हैं, बल्कि जन्मदिन पर मौजूद भी रहते हैं। अब तक उन्होंने किसी का जन्मदिन मिस नहीं किया, जबकि मैं कई बार उनके जन्मदिन पर उनसे दूर रहा हूं। शायद इस बार उनके जन्मदिन पर हम सब साथ में होंगे। लेकिन इस अवसर पर कोई धूम-धड़ाका नहीं होगा। दादीजी को गुÊारे अभी Êयादा व़क्त नहीं हुआ है। इसलिए हम सादगी से उनका जन्मदिन मनाएंगे।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: