वॉशिंगटन.
भारत-अमेरिकी परमाणु करार पर शुक्रवार देर रात आखिरी मोहर लग गई। वॉशिंगटन में भारतीय समयानुसार रात 1.45 बजे भारतीय विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी और अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलिजा राइस ने करार पर दस्तखत किए।
दोनों देशों की भविष्य पर नजर
कोंडोलीजा राइस ने कहा कि यहां से हमें भविष्य की ओर देखना है। इस करार के माध्यम से न सिर्फऊर्जा संकट से निपट सकते हैं, बल्कि अन्य समस्याओं से भी लड़ सकते हैं। प्रणब मुखर्जी ने कहा कि आज का दिन दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच यह करार आपसी सहयोग की नई मिसाल बनेगा।
दो माह का सफर
8 अक्टूबर 2008: करार पर अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश के हस्ताक्षर
1 अक्टूबर : अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट से मंजूरी
27 सितंबर : प्रतिनिधि सभा से मंजूरी
23 सितंबर: करार को सीनेट की विदेश मामलों की समिति की मंजूरी।
6 सितंबर: वियना में करार को एनएसजी की हरी झंडी।
8 अगस्त: आईएईए ने भारत केंद्रित रक्षा उपाय समझौता पारित किया।