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International International काठमांडू. हिंदू बहुल राष्ट्र नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल प्रचंड ने गुरुवार को मुख्य त्योहार ‘दशेन’ के मौके पर कम्युनिस्ट और धर्मनिरपेक्ष होने की बात कहते हुए अपने पिता से भी तिलक (टीका) लगवाने से इंकार कर दिया।
प्रचंड ने हालांकि टीका नहीं लगवाया, लेकिन अपने पिता मुक्ति राम दहल और अन्य लोगों से ‘दशेन’ की शुभकामनाएं स्वीकार कीं। दूसरी ओर राष्ट्रपति रामबरन यादव और पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र ने लोगों के साथ इस पर्व की जमकर खुशियां बांटीं। गौरतलब है कि नेपाल के दशहरे के पर्व को ‘दशेन’ कहा जाता है।
प्रमुख समाचार पत्र ‘कांतिपुर’ के अनुसार करीब एक दशक तक व्यवस्था के खिलाफ छापामार युद्ध छेड़ने वाले प्रचंड ने कहा, कम्युनिस्ट होने के नाते वे टीका लगवाना छोड़ चुके हैं और वैचारिक रूप से वे धर्मनिरेपक्ष हैं। ‘दशेन’ के मौके पर बड़ी संख्या में रिश्तेदार और समर्थक उन्हें बधाई देने प्रधानमंत्री निवास पहुंचे थे।