भोपाल. पहले विधानसभा और उसके बाद लोकसभा चुनाव के कारण इस बार दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में देरी हो सकती है। चुनावों ने माशिमं के अफसरों की चिंता बढ़ा दी है। सामान्यत: मार्च-अप्रैल में होने वालीं दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं पिछड़ सकती हैं।
नवंबर 08 से चुनाव का दौर शुरू हो जाएगा और स्कूल शिक्षा विभाग का स्टाफ चुनावों में व्यस्त हो जाएगा। ऐसे में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होगी और परीक्षा भी नहीं हो सकेगी। इस चिंता में फंसे माशिमं के अधिकारियों ने नवंबर के पहले हफ्ते में परीक्षा समिति की बैठक बुलाई है। इस बार परीक्षाओं में एक से डेढ़ माह की देरी संभव है। यदि लोकसभा चुनाव मार्च के बाद हुए तो ही समय पर परीक्षाएं हो सकेंगी।
फरवरी में भी हो सकती है परीक्षा
लोकसभा चुनाव के मद्देनजर माध्यमिक शिक्षा मंडल फरवरी में भी वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन कर सकता है। ऐसी स्थिति में स्कूल शिक्षा विभाग के सामने नई चुनौती खड़ी हो जाएगी। उधर, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल (सीबीएसई) ने वार्षिक परीक्षाओं का टाइम-टेबल जारी कर दिया है।
पढ़ाई पर पड़ेगा असर
परीक्षाओं के समय चुनाव से बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। विस चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव होने से अगले तीन माह तक सरकारी स्कूलों में पढ़ाई ठप रहेगी। आचार संहिता लगने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग का स्टाफ चुनाव कार्यक्रम में व्यस्त हो जाएगा।
वार्षिक परीक्षाओं का कार्यक्रम अभी तय नहीं हो सका है। नवंबर के पहले हफ्ते में परीक्षा समिति की बैठक बुलाई गई है। इसमें चुनाव के मद्देनजर परीक्षाओं की तैयारियों पर विचार किया जाएगा।
- कवींद्र कियावत, सचिव, माध्यमिक शिक्षा मंडल