bhaskar Web English
HomeNewsMetrosBhopal Bhopal

नियमितीकरण का संशय खत्म

भोपाल. नगरीय निकायों के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित किस तरह से किया जाए, इसको लेकर चल रहा संशय अब समाप्त हो गया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से अनुमोदन के बाद निकाय स्तर से ही नियमितीकरण होगा। हालांकि इसके बारे में शासन से आदेश जारी होने के बाद ही प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।

नगरीय निकाय के दैवेभो कर्मचारी नियमितीकरण के संबंध में शासन के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। दूसरे विभागों में इसके बारे में आदेश जारी हो गए, लेकिन नियुक्ति का अधिकार नगरीय निकायों को ही होने से शासन स्तर से आदेश जारी करने में अड़चन आ रही थीं। इसको देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग से राय मांगी थी।

सूत्रों के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट कर दिया कि सभी विभागों के लिए पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग निर्णय ले सकता है। इसके बाद विभाग ने आदेश जारी करने संबंधी फाइल अनुमोदन के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा को भेज दी। इसकी पुष्टि विभाग के अधिकारियों ने की है। इस बारे में डॉ.मिश्रा ने कहा, चूंकि वे भोपाल से बाहर हैं, इसलिए उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं है।

वहीं नगर निगम, नगर पालिका संयुक्त कर्मचारी कल्याण मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कपूर ने कहा,शासन को जल्द ही इसके बारे में निर्णय लेना चाहिए। ताकि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले ही आदेश जारी हो सके। इसमें विलंब हुआ तो फिर आंदोलन किया जाएगा।

ऐसे होंगे नियमित
नगर निगमों में मेयर इन कौंसिल (एमआईसी) तथा नगर पालिका व नगर पंचायतों में प्रेसिडेंट इन कौंसिल (पीआईसी) प्रस्ताव पारित कर विभाग के उपसंचालक को भेजेंगे। आयुक्त के अनुमोदन के बाद निकाय नियमितीकरण के आदेश जारी करेंगे।

सिर्फ चार हजार को ही फायदा!
रिक्त पद के विरुद्ध कार्यरत दैवेभो को नियमित करने के दिशा-निर्देशों के कारण प्रदेशभर के नगरीय निकायों में कार्यरत लगभग चार हजार दैवेभो ही नियमित हो पाएंगे, जबकि कार्यरत दैवेभो की संख्या ४क् हजार से ज्यादा है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: