भोपाल. अंतत: राज्य सरकार ने भोज विवि के विवादास्पद कुलपति कमलाकर सिंह के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उन्हें उनके मूल पद कुल सचिव पर वापस बुलाने के लिए नोटिस जारी किया है।
शुक्रवार को यह नोटिस उनके निवास पर चस्पा भी कर दिया गया है। सात दिन का समय देते हुए उन्हें 15 अक्टूबर को सुबह 10.30 बजे मंत्रालय में आमद दर्ज कराने को कहा है, ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
इस बारे में बुधवार को जारी आदेश में कहा गया है कि इस वर्ष तीन नए विश्वविद्यालय खुले हैं, इसलिए कुलसचिवों की जरूरत है। दरअसल, श्री सिंह को जून 2005 में एक साल के लिए लियन अवधि स्वीकृत की गई थी। तब से वे कुलपति हैं, लेकिन एक वर्ष बाद अवधि पूरी होने पर श्री सिंह ने इसे बढ़वाने की कार्रवाई नहीं की। अब ढाई साल बाद सरकार ने श्री सिंह को लियन समाप्त होने का नोटिस दिया है। मामले पर प्रतिक्रिया के लिए श्री सिंह से दूरभाष पर संपर्क साधने की कोशिश की गई, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो पाए।
देर रात तक राजभवन द्वारा उनका इस्तीफा मांगे जाने की सूचना मिलती रही, लेकिन राजभवन से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। गौरतलब है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री विष्णुदत्त शर्मा द्वारा सूचना के अधिकार के तहत ली गई जानकारी के आधार पर सरकार से इस संबंध में मांग की गई थी।
नौकरी छोड़ें कुलपति
कुलपति श्री सिंह के पास अब तीन विकल्प हैं। नियमानुसार उन्हें वापस कुलसचिव पद पर पदस्थापना लेनी होगी या नौकरी से इस्तीफा देना होगा। वे लियन बढ़ाने के लिए भी आवेदन दे सकते हैं, लेकिन ढाई साल तक बिना अनुमति नौकरी से अनुपस्थित रहने के लिए शासन उन पर कार्रवाई कर सकता है।
निलंबन होना तय : श्री सिंह के खिलाफ थाना बाग सेवनिया में पीएचडी के नकल को लेकर धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज हुआ है। शासकीय सेवा नियमों के अनुसार किसी सरकारी अधिकारी के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज होने पर उक्त अधिकारी का निलंबन होना तय है।
क्या है लियन
सरकारी कर्मचारियों को दी जाने वाली लंबी छुट्टी की एक श्रेणी है लियन। इस दौरान अन्य स्थान पर नौकरी या कोई काम किया जा सकता है। इस अवधि में मूल पद पर पदस्थापना कायम रहती है, लेकिन वेतन-पदोन्नति नहीं दी जाती। अवधि समाप्त होते ही मूल पद पर वापसी या इसे बढ़वाना आवश्यक होता है।