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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. ट्रांसफर के बाद बस्तर ज्वाइन नहीं करनेवाले 6 इंस्पेक्टरों और 8 सब इंस्पेक्टरों को पुलिस मुख्यालय ने आज सस्पेंड कर दिया। डीजीपी विश्व रंजन ने बताया कि सभी ने अपनी पदस्थापना से रिलीव होने के एक महीने बाद भी बस्तर में आमद नहीं दी थी।
पुलिस मुख्यालय के आईजी प्रशासन आरके विज ने इन अफसरों को सस्पेंड करने का आदेश जारी किया। सभी का तबादला ढाई महीने पहले हुआ था, लेकिन इन्हें तत्कालीन पदस्थापना से एक से दो माह पूर्व रिलीव कर दिया गया था।
किसी भी अफसर ने रिलीव होने के बाद बस्तर में आमद नहीं दी है और न ही गैरहाजिर रहने का सूचना ही मुख्यालय को दी। जिन इंस्पेक्टरों को निलंबित किया गया है, उनमें दिलीप सिंह सिसोदिया, जीवनलाल नागेश, कृष्णकुमार नाग, एसएल चौहान, डीपी ठाकुर और अजीत यादव हैं। इसी तरह सब इंस्पेक्टर मयाराम मरकडे, संदीप चंद्राकर, नटवर सिंह नेताम, साधुराम कोसरिया, एमएल पटेल, हरीश तांडेकर, सतीश गहरवार, अनुजराम बिजनेर को भी निलंबित किया गया है।
पुलिस मुख्यालय ने पिछले महीने सिपाहियों से डीएसपी तक करीब 200 ऐसे कर्मचारियों की सूची बनाई थी, जिनका तबादला बस्तर हुआ लेकिन वे नहीं गए। कड़ी कार्रवाई के अंदेशे से कुछ दिन में ही अधिकांश ने बस्तर में आमद दे दी। बचे हुए तकरीबन 60 अफसर-कर्मियों को पुलिस मुख्यालय ने नोटिस जारी की। इससे महकमे में हड़कंप मच गया और काफी लोगों ने बस्तर ज्वाइन कर लिया। आज जिन लोगों को सस्पेंड किया गया, उन्हें रिलीव हुए एक माह या अधिक गया था।
चार डीएसपी भी
संकेत मिले हैं कि पुलिस मुख्यालय ने बस्तर नहीं जाने वाले चार डीएसपी के निलंबन की अनुशंसा भी राज्य शासन से कर दी है। इस आशय का एक पत्र शासन को भेजा गया गया। सभी डीएसपी स्थानांतरण के बावजूद बस्तर नहीं गए और अपने विभाग को सूचित भी नहीं किया कि इस दौरान वे क्या करते रहे।
कोर्ट के फैसले की प्रतीक्षा : डीजीपी विश्व रंजन ने कहा कि बस्तर ज्वाइन नहीं करनेवाले कुछ अफसर-कर्मियों ने अदालत की शरण ली है। जब तक अदालत से उनके मामले का निराकरण नहीं हो जाता, पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगी। अदालत के आदेश के आधार पर संबंधित लोगों के बारे में निर्णय लिया जाएगा।