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Chhattisgarh
Raipur Raipur कोरबा. छह महीने पहले मुंबई से लापता शहर की साफ्टवेयर इंजीनियर मेघना सूबेदार पुणो में मिल गई है। यह साफ नहीं हो पाया है कि गत 11 अप्रैल से अब तक वह कहां थी और उसके साथ क्या हुआ।
मेघना के पिता डा. मोहन सूबेदार पुणो रवाना हो गए हैं। मुंबई की रेलवे पुलिस और एंटी टेररिस्ट सेल पुणो की टीम देशभर में हुए श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोटों के सिलसिले में मेघना से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
गौरतलब है कि गत 26 जून को गोवा के सलंगुर बीच पर एक महिला का क्षत-विक्षत शव मिला था, जिसके बारे में पुलिस मान चुकी थी कि वह मेघना का है। मेघना के माता-पिता के दबाव के बाद हुए डीएनए टेस्ट में शव किसी और महिला का निकला। जमनीपाली में नर्सिग होम के संचालक डा. सूबेदार ने बताया कि शुक्रवार सुबह अचानक उनको पुणो स्टेशन से मेघना ने फोन किया।
मेघना ने उनको बताया कि सिर में चोट लगी हुई है और उसके पास पैसे नहीं हैं। डा. सूबेदार ने उसे पुणो के कोथरूड़ इलाके में रहने वाले मामा श्री करकरे के यहां जाने को कहा। डा. सूबेदार ने बताया कि उनकी बेटी अपने मामा के घर सुरक्षित पहुंच गई है। दीपावली के पहले मिली इस खबर से सूबेदार परिवार झूम उठा है। डा. सूबेदार शनिवार को पुणो पहुंच जाएंगे।
डा. सूबेदार ने पुलिस को बताया कि मेघना फोन पर बहुत डरी हुई लग रही थी। अत: उनकी बेटी से पूछताछ उनके पुणो पहुंचने के बाद की जाए। सीएसटी रेलवे पुलिस कमिश्नर एके शर्मा ने बताया कि एक टीम मेघना से बयान लेने पुणो रवाना हो गई है। पुलिस की जांच में श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोटों में बेंगलुरू और मुंबई के साफ्टवेयर इंजीनियरों के शामिल होने की बात भी है। मुंबई के पुलिस अधिकारियों को शक है कि डा. सूबेदार कुछ जानकारियां छिपा रहे हैं। मेघना से लंबी पूछताछ के बाद ही सारी तस्वीर स्पष्ट होगी।
कब-क्या हुआ
मेघना बेंगलुरू में साफ्टवेयर इंजीनियर थी। 30 मार्च को कंपनी से इस्तीफा देकर वह मुंबई होते हुए कोरबा आने के लिए 10 अप्रैल को रवाना हुई। मुंबई से उसने पिता को फोन किया, उसके बाद से वह लापता थी। उसका मोबाइल फोन भी तब से बंद है। 13 अप्रैल को अंधेरी के कुर्ला कांप्लेक्स के एटीएम और 15 अप्रैल को पणजी (गोवा) के एटीएम के कैमरे में उसे पैसे निकालते रिकार्ड किया गया।
26 जून को गोवा के बीच पर महिला का निर्वस्त्र शव मिला। 14 अगस्त को आई डीएनए जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि वह शव मेघना का नहीं है। इस बीच मेघना का मोबाइल फोन एक ठेका सफाई कर्मी के पास मिला। 10 अक्टूबर को मेघना ने पुणो स्टेशन से पिता को फोन किया।