बैंगलूर.
भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे सफल कप्तान सौरव गांगुली ने आज इस बात से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्होंने बंगाली अखबार को किसी प्रकार का इन्टरव्यू नहीं दिया।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले बंगाली अखबार में इस बाद का दावा किया गया था कि टीम इंडिया की चयन समिति जानबूझकर सौरव को बार-बार टीम से अंदर बाहर करती रही है और इस बात से ही सौरव नाराज हो गए थे जिसके बाद उन्होंने क्रिकेट से सन्यास का फैंसला कर लिया।
गांगुली ने आज एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की जिसमें कहा गया है कि बंगाली अखबार के साथ अन्य अखबारों में आई इस प्रकार की सभी बातें मनमानी तौर पर लिखी गईं हैं। मैंने किसी के उपर किसी प्रकार की टिप्पणी नहीं की है। ये सब अफवाह मात्र है।
मीडिया में आई इस प्रकार की खबर के बाद टीम इंडिया के पूर्व मुख्य चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने काफी नाराजगी दिखाई थी और एक वक्तव्य में कहा कि वर्तमान सीरीज के बाद गांगुली को इसका जवाब मिल जाएगा।
उठाना चाहिए कड़ा कदम: वेंगसरकर के हवाले से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि इस तरह के गैर जिम्मेदाराना बयान के खिलाफ बीसीसीआई को कड़े कदम उठाने चाहिए। वेंगसरकर के अनुसार इस तरह के अनुचित बयानबाजी से टीम के प्रदर्शन और उत्साह पर प्रभाव पड़ सकता है।
बीसीसीआई देख रही है मामले को: चयन के संबंध में सौरव ने बंगाली दैनिक के साथ बातचीत में जो कुछ भी कहा है, उस मामले को बीसीसीआई देख रही है। वेंगसरकर के हवाले से कहा गया है कि सौरव जब तक खेल रहे हैं उन्हें किसी तरह का बयान नहीं देना चाहिए। क्योंकि बिना वजह इससे विवाद की स्थिति पैदा होती है।