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International International लंदन. इस बार समलैंगिक विवादों में फंसी है मीडिया की जानी-मानी संस्था बीबीसी। मंगलवार को बीबीसी पर प्रसारित होने वाले एक सोप ऑपेरा ‘ईस्ट इंडर्स’ के एक दृश्य पर पूरे ब्रिटेन में जबरदस्त आलोचना हो रही है। इस एपीसोड में समलंगिक चुंबन को दिखलाया गया है, जिसमें क्रिश्चियन क्लार्क (जॉन पार्टिड्ज 36) और ली थॉम्पसन (कार्ल फग्यरूसन 27) ने एक दूसरे का गर्मजोशी से चुंबन लिया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बीबीसी की उलझन काफी बढ़ गई है, जो फिलहाल सुलझती नजर नहीं आ रही। इस मुद्दे को लेकर अब तक इस संस्थान के पास 150 से भी अधिक शिकायतें आ चुकी हैं और लोगों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है।
लोगों का कहना यह है कि इस दृश्य को देखने के बाद बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ा है। हालांकि बीबीसी ने अपने बचाव में यह कहा है कि यह पूरी तरह अभिवावक पर निर्भर है कि वह कौन-से धारावाहिक बच्चों को देखने दें और कौन-से नहीं।
पहले भी लगे हैं आरोप बीबीसी में कार्यरत फियोना ब्रूस ने हाल ही में इस संस्थान पर आरोप लगाया था कि यहां उम्रदराज महिलाओं के साथ भेदभाव बरता जाता है। जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ती है, उन्हें कैमरे के पीछे भेज दिया जाता है और नई एंकरों को सामने कर दिया जाता है।
उनकी यह शिकायत तब आई थी, जब इससे पहले बीबीसी के अहम चेहरे केट एडी, अना फोर्ड और सेलिना स्कॉट को उम्र बढ़ने की वजह से भेदभाव का शिकार होना पड़ा। वहीं इस चैनल पर प्रसारित होने वाले न्यू साइट के एंकर पैक्समैन ने आरोप लगाया था कि यहां मध्यमवर्गीय पुरुषों के साथ भेदभाव किया जाता है। कार्यक्रमों में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने कहा था कि मध्यमवर्गीय पुरुष, जो बीबीसी में आना चाहते हैं वे इस विचार को छोड़ दें।
पहले भी लगे हैं आरोप
बीबीसी में कार्यरत फियोना ब्रूस ने हाल ही में इस संस्थान पर आरोप लगाया था कि यहां उम्रदराज महिलाओं के साथ भेदभाव बरता जाता है। जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ती है, उन्हें कैमरे के पीछे भेज दिया जाता है और नई एंकरों को सामने कर दिया जाता है। उनकी यह शिकायत तब आई थी, जब इससे पहले बीबीसी के अहम चेहरे केट एडी, अना फोर्ड और सेलिना स्कॉट को उम्र बढ़ने की वजह से भेदभाव का शिकार होना पड़ा। वहीं इस चैनल पर प्रसारित होने वाले न्यू साइट के एंकर पैक्समैन ने आरोप लगाया था कि यहां मध्यमवर्गीय पुरुषों के साथ भेदभाव किया जाता है। कार्यक्रमों में महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने कहा था कि मध्यमवर्गीय पुरुष, जो बीबीसी में आना चाहते हैं वे इस विचार को छोड़ दें।
आरोपों को किया सिरे से खारिज
बीबीसी ने अपने एक बयान में कहा है कि ईस्ट इंडर्स का मकसद अपने एपीसोड में रियल लाइफ को दिखलाना था। सोप की कहानी और चरित्र में कई विचारधारा, विश्वास, धर्म और लिंग के लोग हैं। इस सोप में जिस तरह से सामान्य सेक्स को दिखलाया जाता है, उसी तरह समलैंगिकों को भी दिखलाया गया है।