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International International शंघाई.
वैज्ञानिकों ने दुर्लभ जायंट पांडा का जीनोम अर्थात पूर्ण जेनेटिक अनुक्रम तैयार करने में सफलता प्राप्त कर ली है। इससे विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुके इस जीव के संरक्षण में मदद मिलेगी। साथ ही उनके प्रजनन को बढ़ाने के उपाय भी किए जा सकेंगे।
चीनी न्यूज एजेंसी जिन्हुआ के हवाले से बीजिंग जीनोमिक्स इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक वांग जुन ने बताया कि दुर्लभ जायंट पांडा की जीन संरचना का पता लग जाने से शोधकर्ता अब उनकी निम्न जन्म दर को समझ सकेंगे। इससे पांडा को होने वाली बीमारियों की रोकथाम भी की जा सकेगी।
वांग की यह संस्था अंतरराष्ट्रीय जायंट पांडा जीनोम प्रोजेक्ट में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है। प्रोजेक्ट इस बात को सिद्ध करने में सफल रहा है कि जायंट पांडा काले भालूओं की ही एक प्रजाति हैं। प्रोजेक्ट इस वर्ष मार्च में शुरू हुए था।
वांग ने बताया कि जायंट पांडा का जीनोम तैयार करने में वैज्ञानिकों को दुर्लभ प्रजातियों के बारे में गहराई से जानने का मौका मिलेगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि चीन के जंगलों में अब 2000 से भी कम जायंट पांडा बचे हैं।