तरनतारनआतंकवाद के दौर में पुलिस के कैट रहे सलविंदर सिंह (50 वर्षीय) की कुछ लोगों ने शनिवार सुबह गांव बरनाला में गोली मारकर हत्या कर दी। सलविंदर को तीन दिन पहले ही हाईकोर्ट के वारंट अफसर ने पुलिस की अवैध हिरासत से रिहा करवाया था।
इस संबंध में 17 अक्तूबर को उसे हाईकोर्ट में पेश होना था। सलविंदर के बेटे इंद्रजीत सिंह ने हत्या में पुलिस का हाथ होने की आशंका जताई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि थाना वल्टोहा के प्रभारी सुरजीत सिंह ने उनके पिता को गवाही नहीं देने के लिए धमकाया था। इंद्रजीत सिंह ने बताया कि उनके पिता सुबह 5.30 पर बहक से गांव लौट रहे थे।
रास्ते में घात लगाए बैठे लोगों ने उन्हें गोलियो से भून डाला। एसएसपी हरिंदर सिंह चाहल ने कहा कि हत्या में पुलिस की भूमिका की जांच डीएसपी पट्टी कंवलजीत सिंह करेंगे। उन्होंने घटनास्थल का भी जायजा लिया है। फिलहाल पुलिस ने गांव के ही 6 लोगों मिलखा सिंह, शमशेर सिंह, प्रताप सिंह, राजदीप सिंह, नछत्तर सिंह और महिल सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। इन सभी आरोपियों का सलविंदर सिंह के साथ पंचायती चुनाव को लेकर विवाद था।
मददगार बन रहे निशाना
आतंकवाद के दौरान पुलिस की मदद करने वाले अब निशाना बनते जा रहे हैं। इससे पहले अमृतसर जेल में बाबा पूहला की हत्या कर दी गई, जबकि पुलिस कैट सुखी को विजिलैंस तलाश रही है।