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पटियाला के एसएसपी विजीलैंस का बेटा निकला मास्टरमाइंड

जालंधर.फिल्लौर के गांव बक्कापुर के पास से 1.75 करोड़ के हीरे लूटने का मास्टरप्लान और किसी ने नहीं बल्कि पटियाला एसएसपी विजीलैंस शिव कुमार के बेटे मोहित ने बनाया था। जालंधर पुलिस ने महज 48 घंटे में डकैती का पर्दाफाश कर बड़ी सफलता हासिल की है। मामला बड़े अधिकारी के बेटे से जुड़ा होने के कारण पुलिस चुप्पी साधे हुई है।

कहा जा रहा है कि रविवार को पुलिस मामले का खुलासा करेगी। पुलिस ने हीरे बरामद कर लिए हैं। देर रात आरोपियों की तलाश में छापे मारी चल रही थी। हीरों की कीमत बताई गई रकम से कहीं ज्यादा बताई जा रही है। गौरतलब है कि दैनिक भास्कर ने एसएसपी के बेटे की शामूलियत को लेकर ‘भेदी है लूट का मास्टरमाइंड’ शीर्षक समाचार शनिवार को प्रकाशित किया था।

खबर में सवाल उठाया गया था कि 8 घंटे पहले लुधियाना आए भुवेश के पास करोड़ों के हीरों के बारे में किस-किस को पता था। सूत्र बताते हैं कि वारदात के बाद एसएसपी पवनराय अपनी टीम के साथ मामले को हल करने में जुटे हुए थे। टीम ने वारदात में प्रयुक्त इंडिका कार और भुवेश शाह से जुड़े लोगों की मोबाइल लिस्ट निकलवाई तो तार मोहित से जुड़े निकले। मोहित ने कई बार अपने मोबाइल से लुटेरे साथियों से सम्पर्क साधा था। तार जुड़ते ही पुलिस ने लुधियाना में छापामारी कर मोहित को गिरफ्तार कर लिया और बाद में उसकी निशानदेही पर हीरे भी बरामद कर लिए।

गौरतलब है कि मोहित लुधियाना में बड़े स्तर पर ज्वैलरी का काम करता है और भुवेश शाह का खास दोस्त बन चुका था। हीरों का कारोबार करने वाली फर्म महिन्द्र बर्दर्स एक्सपोर्ट कम्पनी का सेल्समैन भुवेश शाह मुंबई से कारोबार के सिलसिले में पंजाब आया था।

भुवेश लुधियाना शताबदी से वीरवार 11 बजे पहुंचा और सीधे जौहरी व एसएसपी के बेटे मोहित से मिला। मोहित को पता था कि भुवेश के पास करोड़ों के हीरे हैं। उसने पहले ही भुवेश को लूटने का मास्टर प्लान तैयार किया हुआ था। वीरवार शाम जब भुवेश ने अमृतसर जाने के लिए टैक्सी की बात की तो उसने पहले से ही अपने साथी को आरती सिनेमा चौक (लुधियाना) के पास स्टैंड के साथ खड़ा करवा दिया। दशहरा होने के कारण सभी टैक्सी चालक घर जा चुके थे।

मोहित ने चतुराई से भुवेश को उसी कार में बिठा दिया और अपने साथी रवाना कर दिए। बक्कापुर में टैक्सी चालक ने बाथरूम करने का बहाना बनाते हुए टैक्सी रोक दी और दौड़ कर झाड़ियों में घुस गया। इतने में पहले से ही वहां खड़े मोहित के तीन साथी टैक्सी में बैठे भुवेश पर टूट पड़े और उसे लूट लिया। मालूम हो कि शिव कुमार दो बार एसएसपी के अलावा कई जिलों में एसपी-डी भी रह चुके हैं। शिव कुमार 1995 में जालंधर में बतौर एसपी (डी) भी रह चुके है और वह अपने कार्यलय के दौरान चर्चा में भी रहे हैं।





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