भोपाल. राजधानी को मिलने वाली ‘रेल नीर’ वाटर प्लांट की सौगात छिन गई है। उपयुक्त स्थान न मिलने की वजह से अब यह प्लांट अमरनाथ में लगाया जाएगा। पश्चिम-मध्य रेलवे के सभी मंडल की रेलगाड़ियों में रेलवे का अधिकृत ब्रांड ‘रेल नीर’ आसानी से पहुंचाने के लिए इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कापरेरेशन (आईआरसीटीसी) ने एक प्रस्ताव तैयार किया था। इसके तहत भोपाल मंडल में रेल नीर प्लांट लगाए जाने की योजना तैयार की थी। इसका मसौदा स्वीकृति के लिए रेल मंत्रालय को भेजा गया था।
सूत्रों के अनुसार उपयुक्त जगह न मिलने के कारण मंत्रालय ने योजना नामंजूर कर दी है। ऐसी स्थिति में आईआरसीटीसी अब पश्चिम-मध्य रेलवे के भोपाल, जबलपुर और कोटा मंडलों की रेलगाड़ियों तक अधिकृत ब्रांड पहुंचाने के लिए सप्लाई व्यवस्था को दुरुस्त करने जा रहा है, जिससे मंडल की रेलगाड़ियों में सफर करने वालों तक रेलवे के अधिकृत ब्रांड आसानी से पहुंचाए जा सकें।
भोपाल में प्लांट की योजना क्यों: रेलवे बोर्ड यात्रियों को अपने अधिकृत ब्रांड ‘रेल नीर’ की सप्लाई करता है। इसका प्लांट दिल्ली में होने के कारण बमुश्किल मथुरा और झांसी तक पानी की बॉटल सप्लाई हो पाती है। इसके बाद पश्चिम-मध्य रेलवे के दीगर स्टेशनों में निजी पेयजल कंपनियों द्वारा पानी की सप्लाई दी जाती है।
बिक रहे मनमर्जी के ब्रांड: रेलवे ने ट्रेन तथा स्टेशन पर रेल नीर समेत पांच कंपनियों के ब्रांड बिक्री के लिए अधिकृत किए हैं। पर अन्य ब्रांड की पानी की बोतलें भी बिकती हैं।
करीब डेढ़ एकड़ की जरूरत थी: आईआरसीटीसी को रेल नीर प्लांट के लिए करीब डेढ़ एकड़ भूमि चाहिए थी। इसके लिए पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा भोपाल मंडल परिक्षेत्र में उपयुक्त भूमि की मांग की गई थी।
रेलवे के अधिकृत पेय ब्रांड के प्रस्तावित प्लांट के लिए मंडल में उपयुक्त जगह नहीं मिली, लेकिन अधिकृत ब्रांड ‘रेल नीर’ की भोपाल मंडल की रेलगाड़ियों और स्टेशन में पर्याप्त सप्लाई के लिए नई व्यवस्था की जा रही है।
-वीरेंद्र सिंह, मुख्य क्षेत्रीय महाप्रबंधक, आईआरसीटीसी