भोपाल.
अंचल के किसान और वाहन चालक इन दिनों डीजल की कमी से जूझ रहे हैं। उन्हें पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा। पेट्रोल पंपो पर प्रतिदिन लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लग रही है। डीजल समस्या को लेकर जहां लोगों का गुस्सा पंप संचालकों पर फूट रहा है वहीं पंप संचालक इसके लिए कंपनियों को दोषी ठहरा रहे है।
होशंगाबाद जिले में वाहन चालकों व किसानों को डीजल की कमी से जूझना पड़ रहा है। जिले में करीब दो दर्जन से अधिक पेट्रोल पंप हैं, लेकिन डीजल का सप्लाई कोटा नहीं बढ़ने एवं राशनिंग होने से सोयाबीन कटाई एवं रबी की बोवनी के लिए डीजल नहीं मिल पा रहा है, जिस कारण खेतों में हारवेस्टर व ट्रेक्टर खड़े हो गए हैं। बीपीसीएल के सेल्स आफिसर मनोज काकड़े ने बताया खेती किसानी के कार्य शुरू हो जाने से इन दिनों मांग एवं आपूर्ति में अंतर आया है, जिससे दिक्कत आ रहीं है। छिंदवाड़ा जिले में डीजल की किल्लत के कारण आए दिन पेट्रोल पंप में विवाद की स्थिति बनती है।
साधारण डीजल की पूर्ति नहीं होने के कारण पंप संचालकों को महंगा ब्रांडेड डीजल बेचना पड़ रहा है। जिले में कुल 34 पेट्रोल पंप हैं। इन पेट्रोल पंपों से रोजाना सवा लाख लीटर डीजल की बिक्री होती है। यहां किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राजगढ़ जिला मुख्यालय पर प्रतिदिन करीब ६ हजार लीटर डीजल की खपत है। जिले के अन्य शहरों और कस्बों में डीजल को लेकर किसान परेशानी का सामना कर रहे हैं। पेट्रोल पंप संचालक दिनेश पुरोहित ने बताया कि आयल कंपनियों से सप्लाई कम होने से यह स्थिति पैदा हो रही है। इससे निपटने के लिए ग्राहकों को जरूरत के हिसाब से डीजल दिया जा रहा है।
हरदा जिले के किसान इन दिनों डीजल पेट्रोल की किल्लत से जूझ रहे हैं। अनेक स्थानों पर सोयाबीन की कटाई का काम शुरू हो गया है, मगर डीजल की समस्या से परेशान किसान सिवाय अव्यवस्था को कोसने के और क्या कर सकते है। जिले में इन दिनों कुल १७ पेट्रोल पंप चालू हैं जबकि बंद पंपों की संख्या करीब आधा दर्जन है। इसके बावजूद भी कृषि प्रधान जिले के किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में डीजल पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है।
पेट्रोल पंप संचालक अनिल बंसल ने बताया कि मांग के एवज में केवल पचास से साठ फीसदी आपूर्ति ही की जा रही है। जिसके कारण किसानों को परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि टिमरनी में तीन, सिराली में दो, खिरकिया में पांच तथा हरदा में १क् पंप हैं। श्री बंसल के मताबिक जिले की सोयाबीन कटाई के इस पीक सीजन में डीजल की प्रतिदिन की डिमांड करीब 150 से 180 लीटर प्रतिदिन की है। मगर मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं किए जाने के कारण अंतर काफी बढ़ गया है। वे बताते हैं कि इन दिनों १क्क् से १२क् किलो लीटर प्रतिदिन की सप्लाई की जा रही है।
कमजोर मानसून का हवाला दिया
भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा को पत्र भेजकर तेल कंपनियों को मध्यप्रदेश का डीजल कोटा बढ़ाने के निर्देश देने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा कि कमजोर मानसून ने किसानों को रबी फसलों की बोवनी जल्दी करने के लिये प्रेरित किया है। फलस्वरूप अक्टूबर माह में ही डीजल की अतिरिक्त मांग बढ़ी है।