इंदौर.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रामेश्वर जिले के अंतर्गत रविवार सुबह सात इलाकों से पथ संचलन निकाले गए। इसमें घोष दलों के साथ ही शस्त्र वाहिनी भी शामिल हुई।
पथ संचलन में बड़ी संख्या में शामिल स्वयंसेवक के हाथों में तलवारें और लाठियां भी थीं। उनके आगे और पीछे पुलिस दल चल रहा था। बुरहानपुर में सांप्रदायिक हिंसा के चलते शहर में तगड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए।
सुबह करीब 8 बजे नियत स्थानों पर स्वयं सेवक जमा हो गए थे। वे खाकी नेकर, सफेद कमीज और काली टोपी के नियत गणवेश में रवाना होकर पथ संचलन के लिए पहुंचे। सबसे ज्यादा सुरक्षा छत्रीबाग क्षेत्र की बालदा कॉलोनी से निकाले गए पथ संचलन को लेकर की गई। पुलिस ने मार्ग रोककर यातायात को अन्य मार्गो पर मोड़ दिया था, वहीं उस वक्त पुलिस की धड़कनें बढ़ गई थीं जब पथ संचलन गणगौर घाट और वेंकटेश मंदिर के निकट से गुजरा। पथ संचलन के पीछे-पीछे पुलिस अधिकारियों के साथ ही एडीएम रमेश भंडारी भी जीप में थे।
संचलन में निगम सभापति शंकर लालवानी, टीकम जोशी, कैलाश यादव और सावन सोनकर भी तलवार और लाठियां लिए हुए थे। संघ ने अन्नपूर्णा, पंढरीनाथ, चंदननगर और मल्हारगंज से भी पथ संचलन निकाले। इसमें लाठियां और तलवारें लेकर चल रहे स्वयंसेवकों को पुलिस के सशस्त्र जवान घेर कर चल रहे थे।
शेष तीन जिलों के पथ संचलन 19 को
संघ द्वारा 19 अक्टूबर को द्वारिका जिले का पथ संचलन खालसा स्टेडियम से शाम 4 बजे निकाला जाएगा। इसी दिन बद्रीनाथ जिले में 7 स्थानों से पथ संचलन निकाला जाएगा, इसके तहत सुबह के वक्त 4 और शाम को 3 स्थानों से स्वयं सेवक निकलेंगे। जगन्नाथधाम जिले का पथ संचलन 5 स्थानों से सुबह 8.30 से 9 बजे तक निकाले जाएंगे।