इंदौर. वैश्विक बाजारों के वित्तीय संकट की गहराती समस्या के रहते पिछले सप्ताह भी भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली दर्ज की गई। साप्ताहिक तौर पर सेंसेक्स 10527.85 के स्तर पर १५.९५ फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ वहीं निफ्टी ३२७९.९५ के स्तर पर 14.09 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ।
इस सप्ताह आए औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े भी निराशाजनक रहे और इसका भी नकारात्मक प्रभाव बाजार पर पड़ा। लगातार गिरती कच्चे तेल की कीमतें और गिरते हुए महंगाई के आंकड़े भी बाजार को थामने में असमर्थ रहे हैं।
वित्तीय संकट से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर गहन प्रयास अमेरिका में फेडरल रिजर्व सहित अनेक देशों ने ब्याज दरें कम की है। वहीं भारत में रिजर्व बैंक ने भी सीआरआर में कटौती की है इससे बाजार में 60,000 करोड़ रुपए आने से तरलता बढ़ेगी।
आने वाला सप्ताह
स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के हेड टेक्निकल एनालिस्ट हंसराज मोदी के अनुसार लगातार जारी गिरावट से उबरने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसको देखते हुए मध्यावधि में रिकवरी आने की संभावना है। फिलहाल शुरुआत में अस्थिरता जारी रहने की संकेत दिखाई दे रहे हैं।
सेंसेक्स समर्थन
सेंसेक्स को 12200-९८७५ के बीच महत्वपूर्ण समर्थन है जिसकी मध्यावधि में टूटने की संभावना कम है। यदि यह स्तर टूटता है तो हम बाजार में बिकवाली के दबाव को बढ़ता देख सकते हैं।
सेंसेक्स प्रतिरोध
सेंसेक्स 10950-11400 के बीच महत्वपूर्ण प्रतिरोध है जिसको पार करने पर यह 12300 के स्तर तक जा सकता है।
निफ्टी समर्थन
निफ्टी को 3200-3050 के बीच महत्वपूर्ण समर्थन है जिसके टूटने से बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
निफ्टी प्रतिरोध
निफ्टी को 3350-3550 के बीच महत्वपूर्ण प्रतिरोध है जिसको पार करने इसे मजबूती मिल सकती है।