इंदौर. हम दुनिया में कहीं भी रहें रतलाम तो हमारे दिल में बसता है। हमारे शहर की संस्कृति की शीतल बयार दूर-दूर तक माधुर्य घोल देती है। जितनी दूर रतलामी सेंव की खूशबू जाती है वहां-वहां हम भी होंगे।
यह बात इंदौर में बसे रतलाम के लोगों के मिलन समारोह में वहां के वाशिंदों ने कही। रविवार को गोम्मटगिरि की धर्मशाला में रतलाम क्लब के गठन और मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें अरे तुम भी इंदौर में ही हो.., सालों बाद मिल रहे हो.., क्या तुम फलाने हो.., क्या आप फलाने को जानते हो.. कहते हुए लोग एक-दूसरे से मेल-मुलाकात कर रहे थे।
मंच से सीए मनीष डफरिया ने प्रभावी ढंग से बात रखी। क्लब को आकार देने में संजय लोढ़ा ने विशेष भूमिका निभाई वे करीब दो माह से शहर में रतलामियों की तलाश कर रहे थे और उन्होंने इंदौर-रतलाम दोनों जगह से पता किया कि कौन-कौन इंदौर में हैं। श्री लोढ़ा के साथ मंजी शेठ चौरड़िया, अनिल चौरड़िया, शैलेंद्र व्यास, हर्षवर्धन लाड़ ने भी क्लब को आकार देने में काफी मदद की।
सचित्र डायरेक्टरी प्रकाशित करेंगे
कार्यक्रम स्थल पर एक फार्म भरवाया गया जिसमें नाम-पते, ब्लड ग्रुप सहित विभिन्न जानकारी भी ली गई। अलग से रक्तदाताओं की सूची भी बनाई गई।
क्लब को टॉप 10 क्लबों में लाएंगे
क्लब के जरिये लोगों को जोड़ने के लिए एक बड़ा आयोजन होगा। प्रयास यह है कि क्लब शहर के 10 श्रेष्ठतम क्लबों में शामिल हो।
..जैसे रतलाम स्टेशन पर उतरे हों
परदेशीपुरा के पंकज चोपड़ा कहते हैं यहां ऐसा लग रहा है जैसे हम सब रतलाम स्टेशन पर उतर आए हों। कमलेश कोठारी और अमृत जैन ने कहा रतलाम के सभी मिलकर एक महापरिवार बनाएंगे। सुभाष अग्रवाल ने कहा क्लब के जरिये जरूरतमंदों की मदद के लिए हम तैयार रहेंगे।
अब्दुल गफ्फार शेरानी ने कहा क्लब संपर्क का अच्छा जरिया है। कार्यक्रम में बुजुर्ग महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। 10 से ज्यादा वर्ष से इंदौर में रह रही तारा जैन और जतन मेहता ने कहा यहां जो लोग आए हैं ये हमारा परिवार ही है। ऐसे आयोजन से संबंध आगे बढ़ेंगे और प्रगाढ़ता में इजाफा होगा। सरिता जैन ने कहा हमने जिनके बारे में सोचा भी नहीं था ऐसे पुराने स्नेहीजन और मित्रों से भेंट हो रही है।