जयपुर. सीकर रोड स्थित राजारामपुरा निवासी रामधन सैनी (35) की दो बहनों का विवाह 29 नवंबर को होने वाला था और एक घंटा पहले ही उसने अपने भाई भंवरसिंह को फोन किया था कि मैं शादी की तैयारी के लिए बात करने जल्द ही घर पहुंच रहा हूं, लेकिन पेट्रोल पंप की आग में बुरी तरह झुलसने के कारण वह करीब 12 घंटे मौत से संघर्ष करने के बाद रविवार को एसएमएस अस्पताल में चल बसा।
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) निवासी पूरण मीणा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। किशनगढ़ (अजमेर) निवासी ट्रक ड्राइवर मोहम्मद सलीम अजमेरी (45) की वृद्ध मां ने मुर्दाघर के बाहर जब बेटे का झुलसा शव देखा, तो बेहोश होकर गिर पड़ी। मृतक के भाई ने बताया कि सलीम ने जमा पूंजी से टैंकर खरीदा था और घर चला रहा था। अब परिवार की रोजी-रोटी का जरिया समाप्त हो गया है। पत्नी नूरजहां व 8 वर्षीय पुत्र बेसहारा हो गए हैं।
दूसरों को बचाने में खुद घायल
सोमानी परिवार की दो महिलाएं मंजू सोमानी (45) व ममता सोमानी (30) परिवार के सदस्यों को घर के पिछवाड़े से निकालने की कोशिश कर रही थीं कि तीसरी मंजिल पर तेजी से आग का गोला आकर उन पर गिरा। थोड़ी ही देर में पूरा घर आग की लपटों से घिर गया। तब तक परिवार के सभी सदस्य बाहर निकल चुके थे। मंजू व ममता अब अस्पताल में भर्ती हैं।
कांवटिया अस्पताल में बिजली नहीं थी
पेट्रोल पंप की आग में झुलसे लोगों को शनिवार रात कांवटिया अस्पताल पहुंचाया गया तो वहां बिजली नहीं थी। इमरजेंसी लाइट में घायलों का इलाज किया गया। रविवार को कलेक्टर प्रवीण गुप्ता ने बताया कि भविष्य में ऐसी स्थिति से निबटने के लिए अस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था करने के लिए कह दिया गया है। शनिवार देर रात कांवटिया अस्पताल पहुंचे पांच घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। राजेश (30), दिव्या कंवर (27), ओमप्रकाश (60), गीता देवी (57) और सुरेन्द्र (22) ने बताया कि आग की लपटें पास के मकानों तक पहुंचने से वे झुलसे।