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छह घंटे धधकता रहा शास्त्री नगर

जयपुर. शास्त्री नगर में सांइस पार्क के पास स्थित पेट्रोल पंप पर शनिवार रात को एलपीजी गैस से भरे टैंकर में ब्लास्ट के बाद लगी आग छह घंटे तक धधकती रही। आग पर रविवार तड़के साढ़े पांच बजे काबू पाया जा सका।

टैंकर में हुए ब्लास्ट में टैंकर चालक, तकनीकी कर्मचारी तथा पेट्रोल पंपकर्मी की मौत हो गई। हादसे के बाद रविवार सुबह मौके पर पहुंचे इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने भूमिगत टैंक में बची करीब चार हजार किलो एलपीजी गैस को इमरजेंसी व्हिकल सिस्टम से अन्य टैंकर में ट्रांसफर कर लिया। एफएसएल के डायरेक्टर डॉ. बीबी अरोड़ा के नेतृत्व में मौके पर गई टीम की प्राथमिक जांच में टैंकर में एलपीजी गैस लीक होने से आग लगने की जानकारी सामने आई है।

चिंगारी कहां से आई? : अभी तक इस बात का पता नहीं चल सका है कि गैस लीक होने पर आग कैसे लगी? जांच में किसी तरह की बेल्डिंग होने की जानकारी नहीं मिली है। एलपीजी प्लांट से तीन मीटर दूर एक बाइक जली हुई मिली है। जिसके आधार पर बाइक के गर्म इंजन से भी लीकेज गैस के आग पकड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इसके अलावा वहां मौजूद कर्मचारियों द्वारा बीड़ी-सिगरेट पीने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

3000 किलो गैस का गुबार: ब्लास्ट के समय टैंकर में तीन हजार किलो एलपीजी गैस भरी थी। गैस के हल्के रिसाव होने के पांच मिनट बाद ही टैंकर में भरी तीन हजार किलो गैस का गुबार फट गया और टैंकर के परखच्चे उड़ गए। टैंकर की बॉडी पेट्रोल पंप की छत में छेद कर दूर नाले में जा गिरी तो एक भारी-भरकम हिस्सा पास ही स्थित कॉम्पलेक्स परिसर में जा गिरा। मकानों की दीवारे काली पड़ र्गई। खिड़कियों के शीशे टूट गए।

तो इमारतें तहस नहस हो जाती: विस्फोट के बाद टैंक के पाइप से दो हजार किलो गैस प्रेशर के साथ बाहर निकल गई। गैस टैंक में अगर आग पहुंच जाती तो आसपास की कई इमारतें तहस-नहस हो जाती लेकिन तकनीकी विशेषज्ञ टैंक के नोजल पर लगातार पानी डालकर उसे ठंडा करते रहे ताकि नोजल के माध्यम से आग टैंक तक नहीं पहुंच सके।

ये बने काल का ग्रास: हादसे में टैंकर चालक मो. सलीम की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि गंभीर रूप से झुलसे तकनीकी सहायक लक्ष्मणगढ़ (अलवर) निवासी पूरण मीणा तथा पेट्रोल पंपकर्मी सीकर रोड राजारामपुरा निवासी रामधन की रविवार सुबह मौत हो गई। दोनों सौ प्रतिशत झुलस गए थे।

कॉल 108 की छह एंबुलेंस पहुंची : हादसे के बाद मौके पर सबसे पहले कॉल 108 इमरजेंसी सर्विसेज की छह एंबुलेंस पहुंची। 108 के सहायक पार्टनर (आपरेशन) अल्केश के नेतृत्व में पहुंची एंबुलेंसों ने छह लोगों को एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया। मौके पर पूरी तरह झुलसकर कंकाल हो चुके एक जने को जब लोगों ने नहीं उठाया तो कॉल 108 एंबुलेंस के स्टाफ ने उसे स्ट्रेचर से एंबुलेंस में डाला और अस्पताल ले गए। इसके अलावा अन्य घायलों का भी मौके पर ही प्राथमिक उपचार किया।

मुंबई से टीम जयपुर पहुंची: हादसे की जांच के लिए मुंबई से इंडियन ऑयल कारपोरेशन की स्पेशल टीम रविवार को जयपुर पहुंच गई। इसके अलावा सोमवार को दिल्ली से इंडियन ऑयल सेफ्टी डायरेक्ट्रेट से भी एक दल जयपुर आएगा।





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