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होर्डिग सियासी रंग में

रायपुर. hoarding बड़ी इमारतों से लेकर सड़क पर बेतरतीबी से लगे विशालकाय होर्डिग्स अब राजनैतिक दलों के नेताओं और वादों-इरादों से पटने लगे हैं। पिछले डेढ़-दो महीने के भीतर नए होर्डिग्स की भी बाढ़ आ गई है।

महापौर से लेकर निगम का सारा अमला खामोश है कि अचानक इतने होर्डिग्स कहां से आ गए और इसकी अनुमति ली गई या नहीं। कुछ अफसरों ने कहा कि कई होर्डिग्स अवैध होंगे लेकिन कार्रवाई से राजनैतिक बवाल खड़ा होने का अंदेशा है।

जीई रोड और जेल रोड में इस वक्त राजनैतिक होर्डिग्स की होड़ मची हुई है। रोजाना नए होर्डिग्स नजर आ रहे हैं। कुछ होर्डिग्स राजनैतिक पार्टियों का गौरवगान कर रहे हैं तो कुछ व्यक्ति विशेष का। ज्यादातर में समानता यही है कि तस्वीरें उन्हीं की लगी हैं जो रायपुर या आसपास की सीटों से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। कई जगह प्रतिद्वंद्वी पार्टियों और नेताओं को पोस्टर आमने-सामने देखे जा सकते हैं। रही-कसी कसर मंझौले और छोटे नेताओं के पोस्टरों ने पूरी कर दी है। जीई रोड, जेल रोड ही नहीं, लगभग सभी प्रमुख मार्गो के बिजली खंभे इस तरह के राजनैतिक पोस्टरों से अटे हुए हैं।

नगर निवेशक एमके गुप्ता का कहना है कि पिछले साल राजधानी में 670 होर्डिग्स को परमिशन दी गई थी। इस साल के शुरू में नगर निगम ने जो सर्वे किया था, उसके अनुसार राजधानी और आउटर में 2300 होर्डिग्स वैध हैं। निगम अफसरों का अनुमान है कि इस वक्त तक इससे तीन गुना अवैध होर्डिग्स लग चुके हैं। चार माह पहले निगम ने अवैध होर्डिग्स के खिलाफ अभियान छेड़ा था।

कुछ अवैध होर्डिग्स हटाए गए लेकिन अमले की कमी की वजह से अभियान बंद कर दिया गया। हालांकि श्री गुप्ता का दावा है कि अवैध होर्डिग्स की गिनती चल रही है। इसका फायदा उठाकर लोगों ने अवैध होर्डिग्स लगाने का नया तरीका निकाल लिया है। वे एक स्थान पर एक का परमिशन लेकर पांच-पांच होर्डिग लगा रहे हैं। निगम का अमला पांच में से जिस होर्डिग को हटाने की कोशिश करता है, उनपर ये कहकर दबाव बना दिया जाता है कि परमिशन उसी होर्डिग का है। यही वजह है कि शहर में सैकड़ों होर्डिग्स अचानक उग आए हैं और निगम उन्हें हटा नहीं पा रहा है। खास बात ये है कि ज्यादातर नए होर्डिग्स पालिटिकल चेहरों से सज गए हैं।

निगम नेताओं के भी
होर्डिग्स पर काबू करना नगर निगम का काम है, लेकिन दिलचस्प बात ये है कि शहर के ज्यादातर चुनावी होर्डिग्स में किसी न किसी निगम पदाधिकारी की तस्वीर जरूर है। दरअसल रायपुर की चार सीटों का अधिकांश या कुछ हिस्सा नगर निगम सीमा में है। हर सीट पर दोनों ही दलों से जितने दावेदार हैं, उनमें एक न एक निगम पदाधिकारी जरूर है। यही वजह है कि निगम प्रशासन ने इस मामले से अघोषित तौर से खुद को अलग कर लिया है।

हट जाएंगे सियासी चेहरे
महापौर सुनील सोनी ने कहा कि अभी राजनैतिक होर्डिग्स पर कोई प्रतिबंध नहीं है। जब चुनावी आचार संहिता लागू होगी और इस बारे में आयोग से दिशानिर्देश जारी होंगे तो पालिटिकल चेहरे हटा दिए जाएंगे। गौरतलब है, भाजपा में श्री सोनी के रायपुर उत्तर विधानसभा सीट से दावेदार माना जा रहा है।

आचार संहिता से पहले होर्डिग्स में राजनीतिज्ञों के चेहरे नजर आ रहे हैं तो यह गलत नहीं है। आचार संहिता लागू होने के बाद निगम निर्वाचन नियमों के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
जितेंद्र शुक्ला , नगर निगम, कमिश्नर





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