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जो जीत सकेगा वही लड़ेगा

रायपुर. पिछले कई हफ्तों की एक्सरसाइज और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट मिलने के बाद यह लगभग तय हो गया है कि करीब उन 28 से 30 विधायकों को पार्टी फिर चुनाव लड़ाएगी, जिनको जीत सकने वाला मान लिया है। इनमें मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल और प्रेमप्रकाश पांडे जैसे दिग्गज शामिल हैं।

भाजपा अध्यक्ष के स्पष्ट निर्देशों से यह तय हो गया है कि प्रदेश चुनाव समिति और कोरग्रुप की बैठक होगी तो उसमें हर सीट पर जीत सकने वाले उम्मीदवार का नाम ही पैनल में रखा जाएगा। जीत का आधार तय करने के लिए प्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री ने अपने स्तर पर रिपोर्ट तैयार की है। इसके अलावा मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने भी विधायकों के कामकाज का आकलन किया है। इस आधार पर कहा जा सकता है कि जब प्रदेश भाजपा के पैनल पर नईदिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति में चर्चा की जाएगी तो मुख्यमंत्री से उनकी राय जरूर ली जाएगी।

वैसे भी पार्टी हलकों में चर्चा है कि टिकट बंटवारे में केंद्रीय नेतृत्व मुख्यमंत्री की सलाह पर ही अंतिम निर्णय करेगा। श्री सिंह ने शनिवार की रात स्थानीय नेताओं से आगामी विधानसभा चुनाव के संबंध में पार्टी की रणनीति के संबंध में विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि जिसके बारे में नकारात्मक रिपोर्ट है, उसका नाम आगे न किया जाए।

भाजपा के प्रदेश प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि चुनाव जीतने के लिए हरसंभव निर्णय लिए जाएंगे। जिनके हारने की संभावना है, उन विधायकों को टिकट नहीं मिलेगा। इनमे कुछ मंत्री भी हो सकते हैं।

पार्टी सूत्रों का दावा है कि परिसीमन से प्रभावित होने वाले करीब आठ विधायकों में से कुछ को ही टिकट मिल सकता है। दूसरे क्षेत्रों से उनको टिकट मिलेगा, इस पर संशय है। मसलन अंबिकापुर से चुनाव जीतने वाले आदिवासी विधायक कमलभान सिंह की सीट सामान्य हो गई है। सामान्य सीट से उनको टिकट देने का निर्णय मुश्किल होगा क्योंकि सामान्य वर्ग के अनेक दिग्गज वहां से दावा कर रहे है।

इसी प्रकार रायपुर, महासमुंद और दुर्ग जिले के अनेक विधायकों के परफारमेंस से प्रदेश नेतृत्व नाखुश है। कुछ विधायकों पर ट्रांसफर पोस्टिंग में लगे रहने का आरोप है। ऐसे विधायकों का पत्ता साफ होना तय है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर ऐसे विधायकों के बारे में फैसला किया जाएगा। चुनाव समिति की बैठक में इस बारे में चर्चा की जाएगी।

इनका लड़ना तय
डा. रमन सिंह, प्रेमप्रकाश पांडे, बृजमोहन अग्रवाल, अमर अग्रवाल, रामविचार नेताम, गणोशराम भगत, अजय चंद्राकर, ननकीराम कंवर, हेमचंद यादव, मेघाराम साहू, राजेश मूणत, लता उसेंडी, केदार कश्यप, डा. कृष्णमूर्ति बांधी, सत्यानंद राठिया, विजय अग्रवाल, ओमप्रकाश राठिया, सिद्धनाथ सिंह पैकरा, बद्रीधर दीवान, छतराम देवांगन, देवजी पटेल, अघनसिंह ठाकुर, विक्रम उसेंडी, लच्छूराम कश्यप, संजीव शाह, राजिंदरपाल सिंह भाटिया और कोमल जंघेल।

कांग्रेस के दिग्गजों को उन्हीं के क्षेत्रों में घेरेंगे
श्री सिंह ने प्रमुख नेताओं के साथ चुनावी व्यूहरचना पर भी चर्चा की। इसमें प्रमुख रूप से यह तय किया गया कि कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को चुनाव के दौरान उनके अपने विधानसभा क्षेत्रों में ही समेटकर रखा जाए। कांग्रेस के अजीत जोगी, धनेंद्र साहू, सत्यनारायण शर्मा, रविंद्र चौबे, नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा जैसे नेताओं के खिलाफ दमदार प्रत्याशी उतारने की योजना बनाई गई है।





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