Manoranjan
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लगता है हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की बेबाक नायिकाएं अपनी इमेज को लेकर कुछ ज्यादा ही कांशस हो गई हैं। अब ईशा कोप्पिकर भी बिंदास और बोल्ड भूमिकाओं से इतर घरेलू भूमिकाओं में आना चाहती हैं। इसके पीछे बॉलीवुड की वह मानसिकता है जिसमें ग्लैमरस गर्ल को अच्छी अदाकारा नहीं माना जाता है। वह इस परिपाटी को तोड़ना चाहती हैं।
ईशा को इसका अहसास राजश्री बैनर की फिल्म ‘एक विवाह ऐसा भी’ करके हुआ। इस फिल्म में उन्होंने चांदनी नाम की सीधी-सादी लड़की का किरदार निभाया है। वह चाहती हैं कि इसे देखकर दर्शकों का उनके बारे में नजरिया बदले। हालांकि इसके लिए उन्होंने खासी मेहनत भी की है।
ईशा ने उत्तर भारत की बोली को उसी के अनुरूप सीखने के लिए टीचर तक की सेवाएं ली हैं। उनकी इच्छा है कि इस फिल्म के बाद लोग उन्हें अपने ही घर की एक बेटी के तौर पर देखें।