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Dalal Street Dalal Street लुधियाना.वैश्विक मंदी के दौर में देश का शेयर बाजार गिरावट के नित नए रिकॉर्ड बना रहा है। पिछले साल अमेरिकी बाजार से शुरू हुआ सबप्राइम संकट अब भारतीय मार्केट में भी अपना असर दिखाने लगा है।
इससे निवेशक सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। बाजार में कम पूंजी के साथ बने रहने वाले निवेशकों के सामने अब यह दिक्कत खड़ी हो गई है कि वह कहां निवेश करें कि जहां उनका पैसा सुरक्षित रहे व बढ़िया रिटर्न मिल सके।
जानकारों के अनुसार अब तक शेयर बाजार में बैंकिंग के अलावा रियलटी सेक्टर में निवेश रिटर्न का बेहतर जरिया माना जाता रहा है लेकिन बदलते समीकरणों व बाजार के हालातों ने निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि वह किस पर भरोसा करें? हालांकि जानकार मार्केट में सुधार की संभावना मानकर चल रहे हैं। उनके अनुसार पोर्टफोलियो बनाकर लंबी अवधि का निवेश बढ़िया रिटर्न दे सकता है।
क्या कहते हैं जानकार
शेयर बाजार के विशेषज्ञ गुरसरन बजाज कहते हैं कि 2001 के डॉटकॉम बबल (आईटी क्षेत्र की मंदी)के बाद अब अमेरिका में आए सबप्राइम संकट ने दुनिया भर के बाजारों को हिलाकर रख दिया है। इसी संकट ने अमेरिका के सालों पुराने बैंकों को दिवालिया कर दिया।
अमेरीका में आई मंदी की वजह से ही एफआईआई एशियाई बाजारों में भी सेलिंग करते दिखाई दे रहे हैं। इसका नतीजा यह हुआ है कि आईसीआईसीआई जैसे बैंक का शेयर जो जनवरी 2008 में लगभग 1,333 रुपए पर था, आज वह 418 रुपए तक आ चुका है। लेकिन वह इस संकट की घड़ी में निवेशकों को हौसला बनाए रखने की सलाह देते हैं।
स्टॉप लॉस लगाकर निवेश करें
बजाज कहते हैं कि घबराने से अच्छा है कि पहले ही स्टॉप लॉस लगाकर निवेश करें। इससे नुकसान की संभावना कम हो जाती है। इसके साथ ही जिन कंपनियों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो उनमें ही निवेश किया जाए ताकि किसी गलत कंपनी में पूंजी लगाने का जोखिम न रहे। लुधियाना स्टाक एक्सचेंज के जसपाल सिंह के अनुसार अमेरिका व यूरोप के बाजारों में कई बैकों की वित्तीय हालात खराब होने से इसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है।
वह कहते हैं कि इस वक्त नामी शेयर मिट्टी के भाव बिक रहे हैं। सबप्राइम संकट का असर बैंकों के अलावा रियलटी सेक्टर पर सबसे ज्यादा हुआ है। उनके अनुसार बैंकों ने भी रियलटी कंपनियों से किनारा कर लिया है जिससे रियलटी शेयरों की हालत चिंताजनक बन गई है। रियलटी शेयरों में डीएलएफ का शेयर जनवरी में लगभग 1,150 रुपए था, आज वह 280 रुपए के न्यूनतम को छू चुका है।
निवेशकों के लिए अच्छा समय
वहीं रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर जो जनवरी में लगभग 2,631 रुपए में बिक रहा था अब वह 638 रुपए तक पहुंच चुका है। वहीं ओमेक्स का शेयर जो दिसंबर में 613 रुपए था अब लगभग 82 रुपए ही रह गया है। वह निवेश के लिए इसे सबसे बढ़िया समय मानते हैं। वह कहते हैं कि निवेशकों को पोर्टफोलियो बना कर लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहिए। जिस कंपनी का बेस मजबूत हो उसमें किया गया निवेश ही फायदे का सौदा साबित हो सकता है। ऊपरी स्तरों पर खरीदारी न कर कंपनियों के फंडामेंटल देख कर ही निवेश किया जाना चाहिए।