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सौ वर्ष की हो गई ‘छइयां-छइयां’ ट्रेन

कुन्नूर‘छइयां-छइयां’ के नाम से विख्यात कुन्नूर-उदगमंडलम (ऊटी) पर्वतीय ट्रेन 15 अक्टूबर को अपने 100 वर्ष पूरे कर लेगी। इसी ट्रेन की छत पर शाहरुख खान और मलाइका अरोड़ा पर ‘दिल से’ फिल्म का सुपरहिट गाना ‘चल छइयां-छइयां..’ फिल्माया गया था। इसके बाद पर्यटकों के बीच इस ट्रेन का आकर्षण और बढ़ गया।

तमिलनाडु के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ऊटी में नीलगिरि की सैर कराने वाली यह टॉय ट्रेन ब्रिटिश काल में 15 अक्टूबर 1908 को पहली बार कुन्नूर से उदगमंडलम पहुंची थी। इस सेक्शन पर ऐसी प्रणाली लगाई गई है, जो ट्रेन को ऊंचाई पर चढ़ते वक्त फिसलने से बचाती है। साथ ही ‘नील्स टेब्लेट टाइप’ नामक विशेष उपकरण भी लगाया गया है, जो किसी और पर्वतीय रेलवे प्रणाली में नहीं है।

हर कोच में ब्रेक : ट्रेन में चार कोच हैं और अतिरिक्त ब्रेकिंग सुविधा के लिए प्रत्येक में अलग-अलग हैंड ब्रेक लगे हैं। चार घंटे में उदगमंडलम पहुंचाने वाली इस ट्रेन की अधिकतम गति 30 किमी प्रति घंटा है।

रिगेनबैक का कमाल : स्वीडन के अविष्कारक रिगेनबैक ने 1882 में नीलगिरि माउंटेन रेलवे का प्रस्ताव रखा था। रिगेनबैक ने 1885 में मेट्टूपलायम-उदगमंडलम के बीच रेल लाइन बिछाने के लिए 25 लाख रुपए से कंपनी स्थापित की थी और 1891 में इसका काम शुरू हुआ था।

वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा

18 किलोमीटर लंबी कुन्नूर-उदगमंडलम लाइन नीलगिरि माउंटेन रेलवे (एनएमआर) के 46 किमी लंबे मेट्टूपलायम-उदगमंडलम रेलमार्ग का हिस्सा है। यूनेस्को ने दार्जीलिंग हिमालयन रेलवे की तरह इसे भी वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा दिया है।





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