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International International स्टॉकहोम.
राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश की आर्थिक नीतियों के प्रबल विरोधी अमेरिका के पॉल क्रुगमेन को वर्ष 2008 के अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है। रायल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज की ओर से सोमवार को यह घोषणा की गई।
अमेरिका के न्यूजर्सी की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र और अंतरराष्ट्रीय मामलों के प्रोफेसर क्रुगमेन को व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों के संबंधों के विश्लेषण के लिए यह पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार के तहत उन्हें 14 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब साढ़े छह करोड़ रुपए) की राशि दी जाएगी।
समिति की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि क्रुगमेन (55) ने विश्व स्तर पर शहरीकरण के सिद्धांतों को नई पहचान दी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक भूगोल संबंधी शोधों को एकीकृत रूप में पेश किया है। अर्थशास्त्र पर दर्जनों पुस्तकें लिख चुके क्रुगमेन अमेरिका के मौजूदा आर्थिक संकट के लिए बुश की नीतियों को जिम्मेदार मानते हैं।
ऐसा क्या किया : क्रुगमेन का सिद्धांत इस विचार पर आधारित है कि कई चीजें और सेवाएं दीर्घकाल में कम कीमत में उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इस विचारधारा को ‘इकोनॉमिक्स ऑफ स्केल’ कहा जाता है। उपभोक्ता जब परिवर्तित चीजों की आपूर्ति की मांग करते हैं तो विश्व बाजार में स्थानीय बाजार के छोटे स्तर के उत्पादन की जगह बड़े स्तर का उत्पादन ले लेता है। ऐसे उत्पादों को लेकर फर्र्मो में भी प्रतियोगिता की स्थिति आती है। दीर्घकाल में इसका प्रभाव यह होता है कि उच्च तकनीक वाले शहरी क्षेत्रों में ही आर्थिक विकास होता है।
काम करता रहूंगा: नोबेल पुरस्कार की घोषणा पर वाशिंगटन से अपनी प्रतिक्रिया में क्रुगमेन ने कहा ‘यह पुरस्कार अस्थाई तौर पर मेरी जिंदगी बदल देगा। मुझे लगता है कि दो सप्ताह बाद मैं फिर वही इंसान बन जाऊं गा जो पुरस्कार घोषित होने के पहले था। मैं काम करने पर यकीन रखता हूं। उम्मीद है कि यह सिलसिला नहीं टूटेगा।’
1960 में हुई शुरुआत :
अर्थशास्त्र के लिए नोबेल पुरस्कार की शुरुआत मूल नोबेल पुरस्कारों के काफी बाद 1960 के दशक में की गई थी। इसे आर्थिक जगत में स्विरिजेस रिक्सबैंक पुरस्कार के रूप में भी जाना जाता है।