भोपाल. राजधानी में व्याप्त पेयजल संकट के चलते जिला प्रशासन ने केरवा और घोड़ापछाड़ डेम का पानी अगले मानसून तक सिंचाई के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। इन दोनों डेम से शहर को पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।
इसके अलावा पेयजल वितरण व्यवस्था पर निगरानी रखने के लिए संभाग आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन भी किया गया। कलेक्टर मनीष रस्तोगी ने सोमवार को जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि केरवा और घोड़ापछाड़ डेम का पानी किसानों को सिंचाई के लिए नहीं दिया जाए।
इन दोनों डेम से शहर में पेयजल आपूर्ति की जाएगी। किसानों को सिंचाई के लिए पानी जिले के हथाईखेड़ा, मैनापुरा, कल्याणपुरा, मनीखेड़ा, और चंदेरी डेम से दिया जाएगा, जिससे 950 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई हो सकेगी। शहर की पेयजल वितरण व्यवस्था पर निगरानी रखने के लिए संभाग आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। इस समिति में प्रशासनिक स्तर के अधिकारी सदस्य हैं। समिति प्रति सोमवार को जल वितरण की समीक्षा करेगी।
यह भी होगा
>> पानी की लाइन के वाल्व व पंप मैन को पहचान पत्र दिए जाएंगे। द्द तुलसी नगर स्थित निगम कार्यालय में नियंत्रण कक्ष बनेगा।
>> पेयजल कटौती से पहले संबंधित क्षेत्र के लोगों को जानकारी दी जाएगी।
>> केरवा डेम में पानी- 4.64 मिलियन क्यूबिक मीटर द्द घोड़ापछाड़ डेम में पानी-5.3 मिलियन क्यूबिक मीटर द्द बड़ी झील का जलस्तर-1654.25 फीट द्द बड़ी झील में उपलब्ध पानी-60 दिन के लिए द्द कोलार डेम का उपयोग किए जाने योग्य पानी-76 मिलियन क्यूबिक मीटर।