भोपाल.
मध्यप्रदेश की जनता बिजली, पानी और सड़क की हालत से आज भी क्षुब्ध है और चाहती है कि आगामी विधानसभा चुनाव में ये मुद्दे प्रमुखता से उभरकर आएं। भास्कर समूह की पहल पर तैयार प्रदेश की जनता के घोषणा पत्र में 52 प्रतिशत लोगों ने बिजली को, 41 ने पानी को और 32 प्रतिशत ने सड़क को प्रमुख मुद्दा माना है।
बेरोजगारी प्रदेश की जनता के घोषणा पत्र में दूसरा मुख्य मुद्दा है। इसके अलावा शिक्षा, भ्रष्टाचार और आतंकवाद ऐसे बड़े मुद्दे हैं जो वोट को प्रभावित करेंगे। पार्टी की पसंद के स्तर पर जो तीन मुद्दे उभर कर आए हैं वे हैं: विकास, ईमानदारी एवं राष्ट्रहित।
व्यक्तिगत रूप से कैसे उम्मीदवार को जनता पसंद करती है इसके जवाब में लोगों का मानना है कि उम्मीदवार ईमानदार हो, शिक्षित हो एवं जन-हितैषी हो। वैसे तीनों प्रश्नों के उत्तर में जनता ने कई और मुद्दों का जिक्र किया है लेकिन अधिकांश लोगों ने बिजली को ही प्रमुख समस्या माना है। विकास (पार्टी के लिए) तथा ईमानदारी (व्यक्ति के लिए) ये दोनों विशेषताएं अपने मत को उपयोग में लाने के लिए जनता ने निर्णायक मानी हैं। देश में अपनी तरह के पहले अभियान के तहत भास्कर ने आम जनता से अपना चुनावी घोषणा पत्र बनाने का आह्वान किया था।
प्रश्नावली में प्रमुख चुनावी मुद्दों के अलावा यह भी पूछा गया था कि किसी भी पार्टी के वे कौन से तीन आधार होंगे जिन्हें ध्यान में रखकर आप अपना बहुमूल्य वोट देना चाहेंगे एवं तीसरे, यह जानने की कोशिश हुई कि किसी भी उम्मीदवार में वे कौनसी तीन विशेषताएं होनी चाहिए जिन्हें ध्यान में रखकर आप अपना वोट उसे देंगे।
इन तीनों प्रश्नों के उत्तर में पाठकों ने सारे प्रदेश से 47,680 लोगों ने प्रश्नावलियां भास्कर को भेजीं और मुद्दे, पार्टी की पसंद एवं उम्मीदवार की विशेषताओं को रेखांकित किया। इस अनूठे चुनावी सर्वेक्षण में पुरुष, महिला, शहरी और ग्रामीण तथा 18-25 एवं 40 वर्ष के ऊपर के लोगों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया जो बताता है कि जनता में चुनावी मुद्दों, उम्मीदवार और पार्टियों को लेकर किस तरह की कसक है।