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माझी जाएगी जापान

जयपुर. किराए की कोख में जन्मी माझी को उसकी दादी इशिको यामादा (70) के साथ जापान भेजने का रास्ता साफ हो गया है। इशिको की ओर से दी गई अर्जी सोमवार को जयपुर पासपोर्ट कार्यालय ने मंजूर कर ली।

मुख्य पासपोर्ट अधिकारी ने बताया कि माझी की राष्ट्रीयता तय नहीं होने के कारण उसे पहचान प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा, जिसके आधार पर दिल्ली स्थित जापानी दूतावास वीजा देगा। फिलहाल माझी को दो साल के लिए जापान में रहने की अनुमति मिलेगी। उसके बाद जापान की राष्ट्रीयता मिलने पर वह स्थायी रूप से वहीं बस सकेगी।

ढाई महीने की माझी को लेकर उसकी दादी और डॉ. संजय आर्य सोमवार सुबह पासपोर्ट कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सक्षम अधिकारी को यात्रा दस्तावेज जारी करने के लिए अर्जी सौंपी। पासपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि अब तक इस तरह के मामलों के लिए कानूनी जानकारी नहीं होने से कुछ भी कार्यवाही करना मुश्किल हो रहा था। सोमवार को ही दिल्ली सेंट्रल पासपोर्ट कार्यालय से बातचीत की गई, जिसके लिए उन्होंने मौखिक स्वीकृति प्रदान कर दी। अब हमें माझी को जापान भेजने के लिए यात्रा संबंधी दस्तावेज देने में कोई परेशानी नहीं है।

30 साल में पहली बार
पासपोर्ट कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जिन लोगों की राष्ट्रीयता जाहिर नहीं होती, उन्हें बतौर यात्रा दस्तावेज पहचान प्रमाण-पत्र दिया जाता है, जिसकी अवधि दो साल होती है। इस समयावधि को एक बार इतने ही समय के लिए बढ़ाया जा सकता है। 1978 में जयपुर पासपोर्ट कार्यालय खुलते समय इस तरह के दो पहचान प्रमाण-पत्र मंगवाए गए थे। इसके बाद 30 साल में पहली बार माझी के मामले में दो में से एक प्रमाण-पत्र काम लिया जाएगा।

भर आईं दादी की आखें
माझी की दादी को जब बताया गया कि जल्द ही पोती उनके साथ जापान जा सकेगी, तो उन्होंने बच्ची को चूमकर सीने से लगा लिया और देखते ही देखते उनकी आखें छलक आईं।

‘हमें मिल गए आदेश’
कोर्ट के निर्देशानुसार माझी के यात्रा संबंधी कागजात स्वीकार कर लिए गए हैं। दिल्ली केंद्रीय कार्यालय से मौखिक स्वीकृति मिलने के बाद हम खुद भी चाहते हैं कि माझी को जल्दी से जल्दी पहचान प्रमाण-पत्र दे दिया जाए।
—श्रवण वर्मा, मुख्य पासपोर्ट अधिकारी, जयपुर





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