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International International बीजिंग/इस्लामाबाद. चीन-पाक संबंधों को नई ऊंचाइयां देते हुए पाकिस्तान के पहले ‘व्यापारी’ राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी आर्थिक रिश्ते मजबूत करने मंगलवार को चीन पहुंच गए।
उधर, चीन में पाकिस्तान के राजदूत मसूद खान ने कहा है कि जरदारी इस कम्युनिस्ट देश की अपनी पहली यात्रा के दौरान चीन से असैन्य परमाणु करार कर सकते हैं। बीजिंग के हवाई अड्डे पर चीन के सहायक विदेश मंत्री हू झेंग्वे और पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारियों ने जरदारी का स्वागत किया।
जरदारी ने बीजिंग पहुंचने से पहले शिन्हुआ न्यूज एजेंसी को बताया, ‘मैं पाकिस्तान का पहला व्यापारी राष्ट्रपति हूं। हमारे सांस्कृतिक और मैत्रीपूर्ण संबंध तो हैं लेकिन उन्हें हमारे आर्थिक संबंधों से समुचित रूप से परिभाषित नहीं किया जाता।’ उन्होंने चीन को ‘दुनिया का भविष्य’ करार देते हुए कहा कि मजबूत चीन का मतलब मजबूत पाकिस्तान है।
उधर, इस्लामाबाद में खान ने कहा कि चीन और पाकिस्तान ने सदा ही परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल का समर्थन किया है। उम्मीद है कि इस सिलसिले में राष्ट्रपति की चीन यात्रा के दौरान समझौता किया जाएगा।
खान ने प्रस्तावित करार का ब्योरा तो नहीं दिया लेकिन ‘द नेशन’ ने आधिकारिक सूत्रों को यह कहते हुए उद्धृत किया कि चीन से परमाणु करार जरदारी के एजेंडे का मुख्य विषय होगा। एक अधिकारी ने अखबार को बताया कि जरदारी चीन से ऐसा करार करना चाहते हैं जिससे पाकिस्तान की बढ़ती ऊर्जा जरूरतें पूरी हो सकें।