मेलबोर्न. जानबूझकर या अनजाने में बेंगलूर टेस्ट की नाटकीय ढंग से समाप्ति के लिए ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली की देर करने की चालाक रणनीति को जिम्मेदार बताया है।
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने सौरव पर आरोप लगाया है कि उनकी देर करने की रणनीति की वजह से ही बेंगलूर टेस्ट बिना किसी परिणाम के समाप्त हुआ। यहां के दर्शकों का मानना है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम बेंगलूर टेस्ट जीतने के लिए कटिबद्ध थी, लेकिन मैच के आखिरी सत्र में मैदान पर कम रोशनी, सौरव की मैच बचाने के लिए देर करने की रणनीति ने ऑस्ट्रेलिया को चार टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मैच में जीत दर्ज करने से रोक दिया।
दर्शकों को हुआ नुकसान
इस न्यूज चैनल के अनुसार सौरव की इस कवायद से निश्चित रूप से सबसे अधिक दर्शकों को नुकसान हुआ। क्या खेल के इस संस्करण में भी टाइम आउट के नियम का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
अंपायरों को मनाया
एक ऑस्ट्रेलियाई न्यूज चैनल के अनुसार पहले सौरव गांगुली ने अंपायरों को कम रोशनी के चलते मैच रोकने के लिए मनाया। फिर जब खेल शुरू हुआ, तो सौरव ने अपना थाईपैड भूल जाने के कारण ऑस्ट्रेलियाई क्षेत्ररक्षकों के साथ ही अपने साथी वीवीएस लक्ष्मण को भी इंतजार कराया।
अंपायरों की भी आलोचना
चैनल ने खराब रोशनी के संबंध में सही फैसला नहीं कर पाने के कारण मैच अंपायर असद रउफऔर रुडी कर्टजन की आलोचना की है। चैनल के अनुसार जब मैच दोनों टीमों के लिहाज से संतुलन की स्थिति में था और आखिरी दिन के खेल का आखिरी सत्र समाप्त होने में अभी कुछ घंटे से अधिक का समय बचा हुआ था, तो खराब रोशनी की शिकायत पर मैच दो बार रोका गया। जबकि, उस समय मैदान पर पूरी रोशनी थी और सूरज चमक रहा था।
संशोधन की मांग
इस बीच, ‘फॉक्स स्पोर्ट्स’ चैनल के एक कमेंटेटर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से मैदान पर खराब रोशनी केसंबंध में मौजूदा नियमों में संशोधन किए जाने की मांग की है। इस कमेंटेटर का कहना है कि मैदान पर खेल समाप्त होने के बाद भी लगभग आधे घंटे तक पर्याप्त रोशनी थी और खेल जारी रहने से खिलाड़ियों को कोई खतरा नहीं था।