मुंबई. बढ़ते नुकसान की वजह से जेट एयरवेज ने अपने 600 से ज्यादा कर्मचारियों (जिनमें सहायक कर्मचारी यानी कैबिन क्रू व कस्टमर केयर के लोग ज्यादा संख्या में शामिल हैं) को कार्यमुक्त कर दिया है।
कंपनी सूत्रों के अनुसार कर्मचारियों की छंटनी लागत घटाने और विस्तार को आगे बढ़ाने के इरादे से की गई है। दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं में चल रही मंदी को देखते हुए एयरलाइन उद्योग भी अपनी लागत कम करने में लगा है। केबिन क्रू और कस्टमर केयर विभाग के कर्मचारियों की संख्या में कटौती करना, इसी दिशा में एक कदम है। खास बात यह है कि जेट ने यह कदम किंगफिशर एयरलाइंस के साथ रणनीतिक समझौते की घोषणा के अगले दिन उठाया है।
दोनों एयरलाइनों को होगा फायदा
प्रवीणा शर्मा. बेंगलूर. जेट एयरवेज और किंगफिशर एयरलाइंस के रणनीतिक समझौते से हवाई उद्योग में नई उम्मीदें जगी हैं। इससे जहां दोनों एयरलाइनें अतिरिक्त कर्मचारियों से मुक्ति पा लेंगी, वहीं बेहतर यात्री संख्या जुटाने से उनके लाभ के मार्जिन में सुधार आएगा।
पैरामाउंट एयरवेज के एमडी एम त्यागराजन का कहना है कि यह कदम उद्योग के लिए काफी सकारात्मक है। अब दोनों एयरलाइंस अपने हवाई मार्गो का बेहतर इस्तेमाल कर पाएंगी। इसका एक असर यह होगा कि बेसिक किराए में इजाफा होने से पूरे उद्योग को फायदा होगा। त्यागराजन का विश्वास है कि मौजूदा हवाई किराए में कम से कम 25-30 फीसदी इजाफे की संभावना है।