भोपाल. रेल सुविधाओं के लिए हमेशा से उपेक्षित मप्र वासियों को दोहरी मार पड़ने वाली है। जहां मुंबई के लिए बरसों से सीधी रेल सेवा की मांग लंबित हैं, वहीं दूसरी तरफ रेलवे बोर्ड प्रदेश की मौजूदा रेल सुविधा मंगला एक्सप्रेस को छीनने जा रहा है।
जल्द ही यह ट्रेन प्रदेश के लिए अतीत का हिस्सा बन जाएगी। क्योंकि वाया ग्वालियर, झांसी, बीना, भोपाल, इटारसी, खंडवा, बुरहानपुर से चलने वाली इस ट्रेन का मार्ग परिवर्तित किया जा रहा है। नए प्रस्तावित मार्ग के तहत यह ट्रेन मथुरा के बाद प्रदेश के रेल यात्रियों को ठेंगा दिखाते हुए कोटा, बडोदरा, सूरत, वसई, देचा, पनवेल होते हुए एर्नाकुलम निकल जाएगी। रेलवे द्वारा छीनी जा रही इस सुविधा के लिए प्रदेश के राजनेताओं की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराना मुनासिब होगा।
परेशानी का सबब
मंगला एक्सप्रेस को राजधानी से मुंबई, शिर्डी और गोवा के लिए सबसे सुविधाजनक और सहूलियत भरी ट्रेन कहा जा सकता है। इस सुविधा का छिनना रेल यात्रियों के लिए निश्चित परेशानी का सबब होगा। पश्चिम मध्य रेलवे उपयोगकर्ता सलाहकार समिति के सदस्य नरेंद्र माथुर कहते हैं कि इसे भोपाल समेत प्रदेश की करोड़ों की आबादी के साथ रेलवे मंत्रालय द्वारा मजाक कहा जा सकता है।
फिलहाल मंगला एक्सप्रेस के मार्ग परिवर्तित किए जाने संबंधित कोई भी पत्र रेलवे बोर्ड से प्राप्त नहीं हुआ है। निर्देश आने पर मंडल स्तर पर रेल सेवा को बरकरार रखने अनुशंसा भेजी जाएगी।
-पीके अग्रवाल, डीआरएम
वर्तमान मार्ग
हजरत निजामुद्दीन, मथुरा, ग्वालियर, झांसी, बीना, भोपाल, इटारसी, खंडवा, बुरहानपुर, भुसावल, मनमाड़, नासिक रोड, इगतपुरी, कल्याण, एर्नाकुलम
नया प्रस्तावित मार्ग
हजरत निजामुद्दीन, मथुरा, कोटा, बड़ोदरा, मडगांव, एर्नाकुलम
क्या हैं विकल्प
ठ्ठ भोपाल से मुंबई के लिए एक नई ट्रेन शुरू की जाए ठ्ठ साप्ताहिक हबीबगंज-कुर्ला एक्सप्रेस को प्रतिदिन किया जाए ठ्ठ जबलपुर-मुंबई गरीब रथ एक्सप्रेस में भोपाल से कोच लगाए जाएं।
मुंबई के लिए अतिरिक्त रेल सुविधा की मांग की गई थी, जिस पर रेलवे बोर्ड ने आश्वासन दिया था। इस सिलसिले चर्चा करने दिल्ली जा रहा हूं, वहां मंगला एक्सप्रेस के मार्ग परिवर्तन का भी विरोध किया जाएगा।
-कैलाश जोशी, सांसद (भोपाल)