जयपुर. राज्य कर्मचारियों को दीपावली पर दिए जाने वाले बोनस को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। सरकार ने अब तक बोनस देने की घोषणा नहीं की है और अब आचार संहिता लगने से चुनाव आयोग की अनुमति की जरूरत होगी।
पिछली बार सरकार ने राज्य कर्मचारियों को दीपावली पर अधिकतम 2500 रुपए तक बोनस दिया था। राज्य कर्मचारी इस साल भी सरकार से उम्मीद लगाए गए बैठे हैं। वित्त विभाग के अधिकारियों का मानना है कि चूंकि हाल ही में राज्य सरकार ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की हैं। कर्मचारियों को एरिअर और बढ़े हुए वेतन के रूप में काफी पैसा देना पड़ रहा है। इसलिए सरकार कर्मचारियों को बोनस शायद ही दे पाए।
वैसे भी बोनस के आदेश हर साल अलग से जारी करने होते हैं और सरकार को घोषणा करनी होती है। दूसरी ओर कुछ सरकार समर्थक कर्मचारी नेताओं का कहना है कि बोनस पिछली बार भी दिया गया था, इसलिए इस बार बोनस की अलग से घोषणा की जरूरत नहीं है।
इस बार ज्यादा मिलता बोनस : छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद केन्द्र सरकार ने बोनस की राशि को भी बढ़ाकर अधिकतम 3500 रुपए तक कर दिया है। इस बढ़ी हुई बोनस राशि के आदेश केन्द्र से मंगलवार को ही राज्य सरकार को मिले हैं।
बोनस देने का कोई प्रस्ताव नहीं : राज्य कर्मचारियों को बोनस देने संबंधी कोई प्रस्ताव अभी तक वित्त विभाग में विचाराधीन नहीं है। बीते साल जो बोनस दिया गया था, वह आदेश उसी वर्ष के लिए थे।
- सुभाष गर्ग, प्रमुख शासन सचिव, वित्त विभाग
बोनस के आदेश तुरंत जारी करे सरकार : आचार संहिता लगने से पहले ही सरकार को बोनस की घोषणा करनी चाहिए थी। अब दीपावली के 15 दिन ही रह गए हैं। यदि तत्काल बोनस की घोषणा नहीं की गई तो दूर-दराज गांव-ढाणी में बैठे कर्मचारी को बोनस का भुगतान नहीं हो पाएगा। सरकार चुनाव आयोग से अनुमति लेकर तुरंत बोनस के आदेश जारी करे।
- रविन्द्र पारीक, पूर्व अध्यक्ष सचिवालय कर्मचारी संघ