bhaskar Web English
HomeNewsMetrosIndore Indore

मीरा को मिल गई मंजिल

इंदौर. meera मंगलवार का दिन मेंटल हॉस्पिटल में एडमिट मीरा के लिए ढेर सारी खुशियां लेकर आया। दो साल पहले वह दिमागी बीमारी के कारण घर से बिना बताए निकल गई थी। छह महीने तक बेटी को खोजने के भरसक प्रयास के बाद पूरा परिवार मान चुका था कि वह नहीं रही, लेकिन नियति को तो कुछ और ही मंजूर था।

यूपी के आजमगढ़ जिले के एक छोटे से गांव फूलपुरा से बेटी को लेने पिता राजाराम यहां पहुंचे तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बेटी को सही-सलामत देखते ही उनकी आंखों से आंसू बह निकले। ढेर सारी दुआएं देने के साथ उनके मुंह से सबसे पहले जो शब्द निकले वह थे ‘धन्यवाद इंदौर’।

बताना संभव नहीं
मुझे आज जो खुशी मिली उसे बताना संभव नहीं। ..हम तो मान चुके थे कि मीरा नहीं रही लेकिन इंदौर के लोगों ने जो अहसान किया उसे मैं जिंदगीभर नहीं भूल सकता। - राजाराम

हमेशा मिलेगा संबल
इंदौर को छोड़कर जाने में बहुत दु:ख हो रहा है। मुझे यहां जो अपनत्व और प्यार मिला वह मैं हर पल याद रखूंगी। यहां रहकर मैंने प्रार्थना ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो ना..’ सीखी उससे मुझे हमेशा संबल मिलेगा।
- मीरा (राखी)





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: