इंदौर. मंगलवार का दिन इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, इंदौर (आईआईटी, इंदौर) के लिए उम्मीदों भरा रहा। आईआईटी, मुंबई में गठित आईआईटी, इंदौर सेल को अगर यूनिवर्सिटी का इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (आईईटी) भवन पसंद आया तो जुलाई 09 से पहली बैच की शुरुआत हो जाएगी।
आईईटी सेंटर की ऊपर की दो मंजिलें आईआईटी के लिए पर्याप्त हैं। इस बिल्डिंग में आईआईटी के लिए अलग से प्रवेश द्वार देकर दोनों को सेपरेट कर दिया जाएगा।
मुंबई आईआईटी से आए प्रो. एएन चांदोरकर आईआईटी इंदौर सेल के अन्य सदस्यों को बिल्डिंग की सारी जानकारी देंगे। अगर आईआईटी मापदंड के अनुरूप उन्हें जगह लगी तो यहां फटाफट तैयारी कर आईआईटी की पहली बैच शुरू कर दी जाएगी। सुबह 11 बजे कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव, एसडीएम राहुल जैन और आईईटी डायरेक्टर मनोहर चांदवानी ने प्रो. चांदोरकर को प्रस्तावित भवन दिखाया। क्लास रूम, लेबोरेटरी, वर्कशाप, डायरेक्टर रूम, एचओडी रूम, पार्किग का बारी-बारी से मुआयना किया।
कुल 120 छात्र होंगे
शुरुआत इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और कम्प्यूटर साइंस विषय के साथ होगी। हर बैच में 40 छात्र होंगे। हर बैच के साथ नए विषय बढ़ाते चले जाएंगे। आईईटी सेंटर में जो कमरे बनाए गए हैं वे 60 छात्रों के हिसाब से हैं। सामूहिक लेक्चर और सेमिनार के लिए दो बड़े हाल भी दिखाए गए हैं।
पूरा होस्टल किराए पर ले लेंगे
प्रो. चांदोरकर ने दोनों मंजिल देखने के बाद छात्रों के लिए व्यवस्थित होस्टल की बात छेड़ी। इस पर कलेक्टर ने दो विकल्प रखे। एक, भंवरकुआं क्षेत्र में 20 से ज्यादा बड़े होस्टल हैं। इनमें से किसी एक की पूरी बिल्डिंग किराए पर ली जा सकती है। दूसरा, आईईटी सेंटर के पास ही नया होस्टल बना दिया जाए।
सांसद ने फेंके नए पांसे
आईईटी सेंटर में पर्याप्त जगह होने के बाद सांसद सुमित्रा महाजन ने प्रो. चांदोरकर से मुलाकात की और एयरपोर्ट रोड स्थित राष्ट्रीय जनसहयोग एवं बाल विकास संस्थान (निपसीड) के नए भवन को विकल्प के रूप में पेश किया।