लंदन.
भारतीय लेखक अरविंद अदिगा को उनकी पहली पुस्तक द व्हाइट टाइगर के लिए 2008 का बुकर पुरस्कार दिया गया है। बुकर पुरस्कार के लिए जिन छ नामों में मुकाबला था उनमें अरविंद अदिगा सबसे कम उम्र 34 के थे।
नई दिल्ली पर उमड़ा प्यार
अरविंद अदिगा ने पुरस्कार जीतने के बाद कहा है कि मैं यह पुरस्कार दिल्ली के लोगों कों समर्पित करता हूं। दिल्ली ही व जगह है जहां मैं रहा और यह किताब लिखने में कामयाब रहा। उन्होंने कहा है कि तीन सौ साल पहले दिल्ली संसार के सबसे महत्वपूर्ण शहरों में से एक था और अब समय आ गया है कि दिल्ली एक बार फिर संसार के सबसे बेहतरीन शहरों में गिना जाए।
दो लोगों का सच
दरअसल अरविंद अदिगा को यह बुकर पुरस्कार मिलना उपन्यास के उस नायक बलराम हलवाई की जीत है जिसके आसपास उपन्यास की कहानी घुमती है। इस उपन्यास का नायक बलराम हलवाई है जो बिहार से दिल्ली आता है और यहां चाय की दुकान पर काम करने के साथ साथ नई दिल्ली शहर में ड्राइवर की नौकरी भी करता है। उपन्यास में एक पात्र बलराम हलवाई है और कई ऐसे पात्र भी है जो इस ड्रायवर की गाड़ी में सवार होते है जो दिल्ली के दौलतमंद वर्ग से आते है। बाद में बलराम हलवाई सघंर्ष के सही और गलत रास्ते पर चलते हुए अपना स्वयं का व्यापार शुरु करता है और वह अपनी सफलता की कहानी चीन के प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सुनाता है।
अरविंद अदिगा : एक पत्रकार से एक लेखक तक का सफरनामा
अरविंद अदिगा ने 34 साल की उम्र में बुकर पुरस्कार जीतकर लेखन की दुनियां में एक बड़ा नाम कमाया है। वे भारत के चैन्नई शहर में 1974 में जन्में और मैंगलोर में बडे हुए ।
उन्होंने कैनरा हाई स्कूल में पढ़ाई की उसके बाद संत एलोसियस कालेज में अध्ययन किया जहां से उन्होंने आपना एसएसएलसी 1990 में पूरा किया। परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद कुछ समय तक उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के जेम्स रूस हाई स्कूल में भी अध्ययन किया। उन्होंने अग्रेजी साहित्य का अध्ययन कोलंबिया विश्वविद्यालय न्यूयार्क और मैग्डालेन कालेज ऑक्सफोर्ड से किया।
अदिगा ने अपने पत्रकारिता के कैरियर की शुरुआत बिजनेस पत्रकार के रूप में फाईनेंशियल टाइम्स से शुरु ही किया । उनके लिखे लेख फाइनेंशियल टाइम्स, मनी और द वाल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित होते रहे है।
वे लगभग तीन साल तक टाइम पत्रिका के साथ स्वतंत्र पत्रकार के रूप में काम करते रहे है और इसी दौरान उन्होंने फुरसत के समय को किताब लेखन में लगया और व्हाइट टाइगर जैसी शानदार पुस्तक लिख दी जो अपने आप में एक संपूर्ण किताब कही जा रही है।