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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर.
शहर में छत्तीसगढ़ राज्य गठन का उत्सव रंगोली से प्रारंभ होगा। एक नवंबर को लाल बहादुर शास्त्री स्कूल के मैदान में डाली जाने वाली यह रंगोली प्रदेश की सबसे बड़ी रंगोली होगी। करीब 40 हजार वर्ग फीट में बनने वाली इस कलाकृति में लगभग 30 क्विंटल रंगोली व 12 से 15 रंगों का प्रयोग किया जाएगा। इसे शहर के 100 से भी अधिक कलाकार मिलकर साकार रूप देंगे।
संस्कार भारती के इस वृहत आयोजन का नाम ‘भुइयां के अलंकार’ रखा गया है और इस रंगोली कृति को ठेठ छत्तीसगढ़ी शब्द ‘संथीया’ नाम दिया गया है। संथीया का अर्थ शुभ चिह्न् होता है। यह रंगोली लोक कला के प्रतीक चिह्नें व हमारी परंपराओं के शुभ चिह्नें पर आधारित होगी।
राज्योत्सव के दिन इसे छत्तीसगढ़ महतारी के श्रृंगार के रूप में पेश किया जाएगा। संपूर्ण कार्यक्रम के संयोजक अनिल जोशी ने बताया कि राज्योत्सव पर बनने वाली रंगोली में आधारभूत रंगों के साथ नए शेड्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे रंगोली भव्य व आकर्षक बनेगी। इसके लिए शहर के कलाकारों के साथ मुंबई व नागपुर के 10 से 12 आर्टिस्टों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। इसमें सभी आयु वर्ग की महिलाएं, पुरुष व बच्चे शामिल होंगे। संस्कार भारती के इस आयोजन में सेवा भारती व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भी सहयोग होगा। आयोजन की तैयारी में संस्था के विपिन वर्मा, देवचरण मिश्र, राखी गंगवानी, अरविंद खत्री, प्रतिभा विंचुरकर, श्रीकांत मोहरे, शिरीष पात्रे, अरविंद शर्मा, सुनीता तीर्थानी, विनीता, योगेश पांडेय आदि जुटे हुए हैं।
प्रशिक्षण शिविर जारी
राज्योत्सव पर बनने वाली रंगोली के लिए प्रत्येक शनिवार व रविवार को शाम 5 बजे से सरस्वती शिशु मंदिर, तिलक नगर में प्रशिक्षण शिविर लगाया जाता है। इसमें शहर के प्रतीक काले प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। एक नवंबर को बनने वाली रंगोली का नेतृत्व श्री काले ही करेंगे। श्री काले देश के विभिन्न शहरों में आयोजित रंगोली कला के सामूहिक प्रदर्शन में प्रतिभागी रह चुके हैं। वे भारतीय शुभ प्रतीकों को रंगोली में रंग देंगे।
महासुआ नृत्य का आयोजन भी
राज्योत्सव को यादगार बनाने के लिए महासुआ नृत्य का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें एक हजार महिलाएं रंगोली के चारों ओर नृत्य करेंगी। प्रत्येक महिलाएं 5 दीप भी प्रज्जवलित करेंगी। इस तरह संस्कार भारती द्वारा राज्योत्सव विशाल रंगोली, एक हजार महिलाओं के सुआ नृत्य व 5 हजार दीपों के साथ मनाया जाएगा।