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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur मनेंद्रगढ़(कोरिया). ग्राम पंचायत छिपछिपी के ग्राम भौंता के यादवपारा में सोमवार देर रात तीन अज्ञात लोगों ने तीन ग्रामीणों को गोली मार दी। जिससे दो भाइयों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। तीसरे घायल ग्रामीण को केंद्रीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यादवपारा निवासी छोटेलाल आ. रामलाल के घर सोमवार की रात 2 बजे तीन लोग आए। उन्होंने छोटेलाल से उसके ममेरे भाइयों रामदास व अमरलाल यादव के घर का पता पूछा। जिस पर छोटेलाल उन्हें पास में ही रहने वाले अपने ममेरे भाइयों के घर ले गया। आवाज सुनकर जैसे ही रामदास ने दरवाजा खोला, साथ आए लोगों ने छोटेलाल व रामदास पर गोली चलाई। फिर पड़ोस में स्थित घर में जाकर रामदास के भाई अमरलाल यादव आ. अमृत लाल (45) को भी गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर अमर का बड़ा भाई भगवान दास यादव जाग तो गया, पर डर के मारे उसने दरवाजा नहीं खोला।
घटना में ३१५ व 12 बोर के कट्टे का उपयोग किया गया। इस घटना में रामदास व अमरलाल की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। घायल छोटेलाल को ग्रामीणों ने केंद्रीय चिकित्सालय में भर्ती कराकर घटना की सूचना झगराखांड पुलिस को दी। जिस पर एसडीओपी राजेश्वर सिंह, नगर निरीक्षक प्रेम साहू, एफ.जे. मिंज घटनास्थल पहुंचे।
खबर पाकर आईजी श्री मरावी, प्रभारी पुलिस अधीक्षक सी.एस. शर्मा ने भी घटनास्थल पहुंचकर ग्रामीणों से पूछताछ की। हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
पकड़ लिए जाएंगे हत्यारे: आईजी
घटनास्थलपर पहुंचे आईजी बी.एस. मरावी ने पत्रकारों से कहा कि यह एक गंभीर घटना है। घटना की तहकीकात कर आरोपियों की तलाश जा रही है। हत्यारों का उद्देश्य हत्या करना ही था, लूट नहीं था। पर हत्यारों ने घटना को लूट का स्वरूप देने का प्रयास किया है। प्रथमदृष्टया यह प्रकरण रंजिश व बदला लेने का प्रतीत होता है। प्रकरण की विवेचना के लिए विशेष दल गठित कर मामले को सुलझाया जाएगा। यह दूरस्थ अंचल है, यहां हथियार का उपयोग हुआ है जिससे इस क्षेत्र के लोगों का बाहरी लोगों से संपर्क होने का अंदेशा है। पूछताछ में लकड़ी चोरी हत्या का एक कारण हो सकता है, पुलिस दूसरे पहलुओं की भी जांच करेगी।
लकड़ी चोर ही हत्यारे?
पुलिस के अनुसार हत्यारों ने एक महिला की पायल लूटकर घटना को लूट की ओर मोड़ने का प्रयास किया है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि पिछले माह इसी मोहल्ले में मरवाही के बेलझरिया गांव के लोग लकड़ी चोरी करते देखे गए थे। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ने का प्रयास किया था। तब लकड़ी चोर अपनी साइकिलें छोड़ भाग गए। उसके बाद ग्रामसभा में छोटेलाल ने लकड़ी चोरी की बात उठाई थी। ऐसा अनुमान है कि उसी रंजिशवश इस घटना को अंजाम दिया गया।