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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur रायगढ़. कांग्रेस में टिकटों को लेकर पल-पल बनते बिगड़ते समीकरणों के बीच नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा ने सरिया विधायक शक्राजीत नायक को रायगढ़ से टिकट देने का पक्ष लिया है। अपने विरोधी गुट के विधायक का किया गया पुरजोर समर्थन कांग्रेस के नए समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है।
कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर पिछले एक माह से ज्यादा समय से बैठकों का दौर जारी है। इस बीच दावेदारों की दिल्ली दौड़ भी जारी है। अब जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों के लिए दो-दो दावेदारों का नाम पेनल में बताया जा रहा है। रायगढ़ विधानसभा के लिए सबसे ज्यादा जद्दोजहद जारी है।
यहां से पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार गुप्ता, सरिया विधायक शक्राजीत नायक, युवा नेता अनिल अग्रवाल व मुरली अग्रवाल का नाम पेनल में बताया जा रहा था। टिकटों को लेकर सभी अपने-अपने स्तर पर जोर लगाए हुए हैं। सरिया विधायक डा.नायक पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के कट्टर समर्थकों में से एक हैं। जोगी शासनकाल में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले 12 विधायकों में श्री नायक एक हैं और इन सभी विधायकों को कांग्रेस से टिकट मिली थी। इनमें श्री नायक ही दलबदल के बाद भी चुनाव जीतने में सफल रहे थे।
श्री जोगी का समर्थक होने के कारण गुटीय राजनीति के हिसाब से टिकट की दावेदारी में नेता प्रतिपक्ष श्री कर्मा के द्वारा इनके विरोध किए जाने की पूरी संभावना थी। कांग्रेसी सूत्रोंे की मानें तो श्री कर्मा ने इनकी खुलकर पैरवी की है। श्री कर्मा श्री नायक को रायगढ़ से टिकट दिए जाने के पक्ष में हैं। स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में श्री कर्मा ने श्री नायक का समर्थन कर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
कांग्रेस का यह नया गणित किसी के समझ में नहीं आ रहा है। गुटीय राजनीति में एक दूसरे के धुर विरोधियों के बीच हुए एका के गणित को सभी समझना चाह रहे हैं। सरिया विधायक श्री नायक ने बताया कि उन्हें स्क्रीनिंग कमेटी के सभी सदस्यों का समर्थन मिल गया है और उनको टिकट मिलना तकरीबन तय नजर आ रहा है। इसके अलावा बाकी चार सीटों को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। इन पर निर्णय आने वाले दिनों में होने वाली बैठकों में ही होने की संभावना है।
विजय और शक्राजीत के बीच मुकाबले की संभावना
भाजपाई सूत्रों की मानें तो रायगढ़ जिले में धर्मजयगढ़ से ओमप्रकाश राठिया, लैलूंगा से सत्यानंद राठिया व रायगढ़ से विजय अग्रवाल का चुनाव लड़ना तय है। इस स्थिति में रायगढ़ विधानसभा से विधायक विजय अग्रवाल व शक्रजीत नायक के बीच चुनावी संघर्ष होने की स्थितियां बनती नजर आ रही है। श्री अग्रवाल 2003 में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा की टिकट पर तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री कृष्ण कुमार गुप्ता को चुनाव हराकर विजयी हुए थे।
डा. शक्राजीत का राजनीतिक सफर
श्री नायक कीट शास्त्र में पीएचडी हैं और प्रोफेसर की नौकरी छोड़कर 1980 से राजनीति में आए हैं। नागपुर यूनिवर्सिटी में श्री नायक ने 14 साल अध्यापन का कार्य किया है। बरमकेला के पास नवापाली श्री नायक का पैतृक गांव है। वे अभी सारंगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं और 1990, 1998 व 2003 में चुनाव जीतकर सरिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं। वर्तमान में परिसीमन के चलते सरिया विधानसभा क्षेत्र समाप्त हो गया है और श्री नायक ने रायगढ़ विधानसभा से कांग्रेस से टिकट मांग रहे हैं।