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International International वा¨शगटन.
ताजा वैज्ञानिक शोध से यह फिर साबित हुआ है कि सीमित मात्रा में शराब पीने से दिल और दिमाग को थकान से राहत मिलती है और ज्यादा पीने से दिमाग सिकुड़ जाता है। मसाच्युसेट्स स्थित वेलेसले कालेज के वैज्ञानिक केरोल आन पेन के नेतृत्व में किए गए शोध में यह बात सामने आई है। शोध में पता चला है कि सीमित मात्रा में काफी लंबे समय तक शराब पीने से भी दिमाग सिकुड़ जाता है। जबकि काफी अधिक मात्रा में शराब पीने वालों का दिमाग कम समय में ही सिकुड़ जाता है। इतना ही नहीं महिलाओं में यह खतरा पुरुषों की तुलना में कुछ ज्यादा ही होता है। इसलिए महिलाओं के लिए शराब पीना ज्यादा जोखिम भरा शौक हो सकता है। डा पेन ने बताया कि सामान्यत: महिलाओं का दिमाग पुरुषों की तुलना में छोटा होता है और एल्कोहल के प्रभाव के मामले में महिलायें ज्यादा संवेदनशील होती हैं इसलिए इनके लिए यह शौक जोखिमभरा कहा जा सकता है।
सप्ताह में सात गिलास काफी
शोध रिपोर्ट के अनुसार सप्ताह में एक से सात गिलास तक शराब पीना सुरक्षित माना जा सकता है। लेकिन लगभग जीवन र्पयत यह आदत पाल कर रखना दिल के लिए भले ही फायदेमंद हो दिमाग के लिहाज से यह नुकसानदायक हो सकती है। जबकि शोध के मुताबिक सात से १४ गिलास शराब सप्ताह में पीना जोखिम के दायरे में आता है। यह जोखिम दिल और दिमाग के अलावा यकृत और अन्य अंगों को भी अपने दायरे में ले लेता है।