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लंगड़ा ‘पासा’ में अंदर

अजमेर. समाज कंटकों पर लगाम कसने के लिए लागू कानून पासा में गंज इलाके का हिस्ट्रीशीटर हरि लंगड़ा फंस गया है। जिला कलेक्टर ने लंगड़ा के खिलाफ पासा में कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

गंज थाना प्रभारी हनुमान सिंह ने बताया कि कलेक्टर नवीन महाजन ने हिस्ट्रीशीटर हरि उर्फ लंगड़ा के खिलाफ राजस्थान समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम 2006 की धारा 3 के तहत जेल भेजने के आदेश दिए हैं। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गौरतलब है कि हरि के खिलाफ जानलेवा हमला, धमकाकर वसूली, मारपीट, शराब तस्करी और अन्य आपराधिक मामलों में 52 प्रकरण दर्ज हैं।

कमला बावड़ी में आतंक का पर्याय
कुख्यात अपराधी हरि उर्फ लंगड़ा गंज कमला बावड़ी इलाके में आतंक का पर्याय है। दुकानदारों, गेस्ट हाउस मालिकों और राहगीरों से रंगदारी वसूली, इलाके में कच्ची शराब का धंधा, जुए की फड़ उसके गिरोह के लोग संचालित करते हैं। गंज थाने में हरि ने कई बार उत्पात मचाकर पुलिस की नाक में दम कर दिया था। उसके खिलाफ 52 मामले दर्ज हैं। इनमें से 6 में सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि अन्य विचाराधीन हैं।

पहला शिकार हाकम
पासा के दायरे में आने वाला जिले का पहला अपराधी हाकम चीता है। दूसरा जाल हरि उर्फ लंगड़ा पर डाला गया है। इसके तहत और भी अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इनमें विभिन्न थानों के हिस्ट्रीशीटर, भू माफिया तथा अन्य अपराधी शामिल हैं। डीएम स्तर पर ऐसे शातिर असामाजिक तत्वों का रिकॉर्ड खंगालने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

क्या है कानून..
असामाजिक तत्वों, भू माफियाओं, स्मगलरों व आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए रासुका की तर्ज पर राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2006 में राजस्थान प्रिवेंशन ऑफ एंटी सोशल एक्टीविटीज एक्ट बनाया गया था। इसके तहत ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्य सरकार के जरिए डीएम को अधिकार दिए गए हैं।

इन अधिकारों के तहत डीएम एक्ट की धारा 3 (1) में किसी असामाजिक तत्व को बिना कारण बताए एसपी को निर्देश कर डिटेन करा सकते हैं। यह अवधि अधिकतम एक वर्ष तक के लिए हो सकती है। कार्रवाई की सूचना 12 दिन के भीतर राज्य सरकार को दी जानी जरूरी है। डिटेन किए गए असामाजिक तत्व के संबंध में अंतिम निर्णय सरकार की ओर से गठित एडवाइजरी बोर्ड द्वारा किया जाता है। बोर्ड में हाई कोर्ट के वर्तमान या सेवानिवृत तीन जज होते हैं।





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