नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने एक टीवी चैनल को बीएमडब्ल्यू स्टिंग ऑपरेशन में इस्तेमाल कंप्यूटर चिप और अन्य सभी सामग्री उसे सौंपने को कहा है। कोर्ट ने न्यूज चैनलों के स्टिंग ऑपरेशनों के इरादे और विश्वसनीयता पर भी चिंता जाहिर की है।
कोर्ट ने सोमवार को टीवी न्यूज चैनल एनडीटीवी को बीएमडब्ल्यू अवमानना मामले में नोटिस जारी किया है। अदालत ने यह भी कहा है कि इस मामले के दूरगामी नतीजे होंगे। अदालत की राय का इस लिहाज से काफी महत्व है कि इस मुकदमे से भविष्य में इलेक्ट्रानिक सबूतों की स्वीकार्यता के मापदंड तय होंगे। अदालत ने एडीशनल सॉलिसिटर जनरल गोपाल सुब्रrाण्यम और वरिष्ठ वकील नागेश्वर राव को एमिकस क्यूरी (अदालत की मदद करने के लिए नियुक्त वकील) बनाया है।
जस्टिस बीएन अग्रवाल, जस्टिस जीएस सिंघवी और जस्टिस आफताब आलम की बेंच ने कहा है कि आजकल स्टिंग ऑपरेशन व्यवसाय बन गया है। हर किसी को इस बारे में पता है। अदालत ने यह टिप्पणी आरके आनंद और सरकारी वकील आईयू खान को अवमानना का दोषी ठहराए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान की। स्टिंग ऑपरेशन में आनंद और खान को कथित तौर पर अदालती कार्यवाही को प्रभावित करने की योजना बनाते दिखाया गया था। ताकि आनंद के मुवक्किल संजीव नंदा को फायदा मिल सके। यह स्टिंग ऑपरेशन 6 और 8 मई 2007 को किया गया था। हालांकि इसका प्रसारण 30 मई 2007 को किया गया था।