लखनऊ.उत्तरप्रदेश में अगले माह राज्यसभा की दस सीटों के लिए होने वाले चुनाव में अपनी एकमात्र सीट खो चुकी कांग्रेस, सपा के सहयोग से ही इसे वापस हासिल कर सकेगी। नवंबर में राज्यसभा के जिन 10 सदस्यों का कायकाल समाप्त हो रहा है, उनमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह, मुख्तार अब्बास नकवी, सपा के अमर सिंह, उदय प्रताप सिंह, अबू आजमी के साथ सपा छोड़ चुके शाहिद सिद्दिकी भी शामिल है। बसपा के बीर सिंह व गांधी आजाद के साथ पार्टी से निष्किासित इसम सिंह का भी कार्यकाल खत्म हो रहा है। कांग्रेस के अखिलेश दास पहले ही कांग्रेस व राज्यसभा की सदस्यता छोड़ चुके हैं।
विधानसभा में बसपा विधायकों की संख्या देखते हुए उसके खाते में पांच सीटें तय मानी जा रही है जबकि सपा को दो और भाजपा को एक सीट मिलनी तय है। कांग्रेस का खाता खुलने के लिए दूसरे दलों के १६ विधायकों के सहयोग की जरूरत होगी। यह संख्या सपा के सहयोग से आसानी से पूरी हो सकती है।
उत्तरप्रदेश विधानसभा में ४क्३ सदस्य है, जिनमें से दो सीटें (हरदोई व भदोही) खाली है। सदन में बसपा के पास २१६, सपा के पास ९४, भाजपा के ५२, कांग्रेस के २१ व रालोद के १क् विधायक है। शेष निर्दलीय है।