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एयरलाइंस को मिल सकता है राहत पैकेज

हैदराबाद .बढ़ती लागत के चलते वित्तीय संकट से जूझ रहीं घरेलू विमानन कंपनियों ने सरकार से 4,750 करोड़ रुपए के बेलआउट (राहत) पैकेज की मांग की है। केंद्रीय उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने बुधवार को कहा कि सरकार इस संबंध में उच्च स्तरीय पैनल की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। उसकी सिफारिशें आने के बाद जेट फ्यूल (एटीएफ) पर कर घटाने के अलावा अन्य शुल्कों में कटौती की जा सकती है।

एयर इंडिया को २,५क्क् करोड़ : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौजूदा वित्तीय हालात के मद्देनजर एयर इंडिया को मजबूती प्रदान करने के लिए २,५क्क् करोड़ रुपए की राहत राशि मुहैया कराई जा सकती है।

तरलता आधार :

पटेल ने कहा कि एयर इंडिया सरकारी कंपनी है और किसी भी मालिक की तरह सरकार इसमें तरलता बढ़ाने के प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी के पास सीमित मात्रा में तरलता (१४५ करोड़ रुपए) उपलब्ध है। कुल 40,000 करोड़ रुपए मूल्य के विमान रखने वाली कंपनी के लिहाज से यह राशि स्वीकार्य नहीं है।

सरकारी कर्ज की तलाश :

उन्होंने कहा कि एयर इंडिया को सही तरह से चलाने के लिए अतिरिक्त तरलता की जरूरत है। इसके लिए कंपनी सरकार से करीब १,क्क्क् करोड़ रुपए का कर्ज लेने का प्रयास कर रही है।

पंद्रह सौ करोड़ का इक्विटी आधार :

एयर इंडिया का इक्विटी आधार १,क्क्क् से १,५क्क् करोड़ रुपए का है। ७७ वर्ष पुरानी सरकारी विमानन कंपनी ने तीन वर्ष पहले फ्लीट का पुनर्गठन शुरू किया था। पिछले वर्ष ही उसका सहयोगी इकाई इंडियन में विलय हुआ है। पटेल ने मौजूदा हालात में कंपनी का आईपीओ आने की संभावना से इंकार कर दिया।

कुछ विभाग तैयार नहीं :

पटेल ने खेद जताते हुए कहा कि इस मामले में कुछ विभागों का रवैया सहयोगात्म नहीं है। वे विमानन उद्योग को राहत देने के मामले में सकारात्मक भूमिका नहीं निभा रहे हैं।

वैश्विक संकट का असर :

- दुनियाभर की विमानन कंपनियां बढ़ी लागत व महंगर्े ईधन की समस्या से ग्रस्त हैं। -देश की निजी व सरकारी एयरलाइंस पर भी वैश्विक वित्तीय संकट का गहरा असर पड़ा है। -प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मंदी के चलते लोगों की खर्च करने की शक्ति पर असर पड़ा है। -पूरे विश्व में उच्च श्रेणी के यात्रियों की संख्या घट गई है। - बैंक व वित्तीय संस्थान एयरलाइंस को कर्ज देने से बच रहे हैं।

क्या कर सकती है सरकार ?

- जेट फ्यूल (एटीएफ) पर करों में कटौती। -तेल कंपनियां एयरलाइंस के बेस प्राइस घटा सकती हैं। -लैंडिंग, पार्किग व रूट नैविगेशन चार्जेज में कमी भी संभव है। - इस मामले में गठित उच्च स्तरीय पैनल ने एक उप समिति गठित की है, जो मुद्दे से जुड़े बारीक पहलुओं की जांच कर रही है। वह जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट उड्डयन मंत्रालय को पेश करेगी।

केंद्रीय उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा, नहीं मिल रहा सहयोग ‘सरकार में कुछ विभागों का रवैया सकारात्मक नहीं है। हमें सभी का सहयोग व मामले पर सर्वसम्मति चाहिए।’





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