bhaskar Web English
HomeNewsNational National

पाक ने सुझाया आतंकी कॉल से निपटने का रास्ता

नई दिल्ली. साउथ एशियाई टेलीकम्युनिकेशन रेगुलेटरी काउंसिल (एसएटीआरसी) की 10वीं बैठक में पाकिस्तान टेलीकाम रेगुलेटरी अथारिटी ने भारत को आतंकी फोन कॉल से निपटने का रास्ता सुझाया है। पाकिस्तानी अधिकारियों की सलाह है कि भारत को सभी अंतरराष्ट्रीय कालों की समीक्षा के लिए उन्हें एक केंद्रीय कक्ष में लाना होगा। इससे कालों में भेद करना आसान हो जाएगा।

पाकिस्तान में लागू है व्यवस्था
पाक प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने अपने देश में भी ऐसी ही व्यवस्था कायम कर रखी है, जिससे आतंकी काल की संख्या में भारी कमी आई है। दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन कंपनी लिमिटेड के सिकंदर नकी ने बताया कि इस सेंटर से विदेश में बैठकर भारत में माफिया गैंग चलाने वालों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकती है।

पाकिस्तान में कोई विवाद नहीं : उन्होंने कहा कि भारत में ग्रामीण टेलीफोन घनत्व 8 से 12 प्रतिशत है, वहीं पाक में यह 40 प्रतिशत है। भारत की तरह पाकिस्तान में आपरेटरों के बीच इंटरकनेक्शन को लेकर कोई विवाद नहीं है।

ट्राई बना एसएटीआरसी का अध्यक्ष : तीन दिन तक चली 10वीं साउथ एशियाई टेलीकम्युनिकेशन रेगुलेटरी काउंसिल की बैठक बुधवार को खत्म हो गई। बैठक में भाग लेने वाले सभी नौ देशों के सदस्यों ने वादा किया कि वे मिलकर अनछुए ग्राहकों तक दूरसंचार क्रांति पहुंचाएंगे। सदस्य देशों ने अगले एक वर्ष के लिए काउंसिल की अध्यक्षता भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को सौंपने की घोषणा की है।

प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी राकेश गुप्ता ने बैठक के समापन के बाद कहा कि अगले एक साल के लिए ट्राई चेयरमैन काउंसिल के प्रमुख होंगे। संगठन में भारत के अलावा पाकिस्तान, नेपाल, मालदीव, बांग्लादेश, श्रीलंका, ईरान, भूटान, अफगानिस्तान की रेगुलेटरी अथारिटी शामिल हैं। गुप्ता ने कहा कि बैठक में नेक्सट जेनेरेशन नेटवर्क की सुरक्षा, इंटरकनेक्शन मसले सुलझाने और अंतरराष्ट्रीय रोमिंग दरें घटाने जैसे मुद्दों पर सहमति बनी है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: