भोपाल.
बड़ी झील का विशाल भंडार सिकुड़ने लगा है। जिसके कारण गुरुवार से नगर निगम एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई करने जा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि हर नागरिक अपनी आदतों में बदलाव करके पानी की बचत करे।
पानी की बचत के छोटे-छोटे तरीके अपनाकर हर परिवार रोजाना डेढ़ हजार लीटर पानी बचा सकता है। पूरा शहर एक दिन में 18 करोड़ 75 लाख लीटर यानी 41 मिलियन गैलन पानी बचा सकता है। तीन-चार महीनों में हम इतनी बचत कर सकते हैं कि गर्मी में रोजाना पानी मिल सके। दरअसल इस बार मानसून दगा दे गया। राजधानी में पूरे सीजन में इस बार 697.4 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 36 फीसदी कम है। पिछले साल शहर में 917.6 मिमी बारिश हुई थी।
कम बारिश का नतीजा यह हुआ कि राजधानी के प्रमुख जलस्रोत बड़े तालाब में केवल दो फीट पानी बचा है। निगम अधिकारियों के अनुसार राजधानी में 65 मिलियन गैलन (29 करोड़ 25 लाख लीटर) पानी सप्लाई होता है। इसमें से बड़े तालाब से 26 एमजीडी (11 करोड़ 70 लाख लीटर) पानी सप्लाई होता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसमें अब बमुश्किल 50 दिन का पानी बचा है।
2002 में भी बने थे ऐसे हालात : लगातार कम बारिश के चलते 2002 में भी बड़ी झील पूरी तरह सूख गई थी। उस साल भी सितंबर के पहले सप्ताह में एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई का निर्णय लिया गया था, लेकिन बाद में हुई अच्छी बरसात ने जलसंकट से बचा लिया था।
रोजाना बच सकता है 1500 लीटर पानी : निगम हर परिवार को औसत 400 गैलन पानी प्रतिदिन सप्लाई करता है। यह 1800 लीटर होता है। एक व्यक्ति औसत 150 से 180 लीटर पानी उपयोग करता है। छह व्यक्तियों का परिवार यदि बचत के तरीके अपनाए तो केवल 300 लीटर पानी में काम चल सकता है। यानी हर परिवार एक दिन में 1500 लीटर पानी बचा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार नगर निगम इस समय रोजाना 1८0 लीटर पानी प्रति व्यक्ति सप्लाई करता है। पानी की बचत के छोटे-छोटे उपाय अपनाए जाएं तो एक दिन में केवल पचास लीटर पानी में काम चल सकता है। यदि ठंड के दिनों में दो दिन छोड़कर पानी दिया जाए तो मई-जून में जब तेज गर्मी पड़ेगी तब भी नियमित पानी मिल सकता है, लेकिन इसके लिए जनजागृति जरूरी है।
सभी को बचत की आदत डालने के साथ दूसरों को इसके बारे में लगातार सतर्क करते रहना होगा, ताकि हम जलसंकट से सही तरीके से निपट सकें और भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचा जा सके।