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Shekhawati Shekhawati चूरू. गाड़ी आने पर लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए शहर के बाहरी क्षेत्रों में बनाए गए चार रेलवे फाटक लोगों के लिए टाइम किलर साबित हो रहे हैं।
गाड़ी आने से करीब 10 मिनट पहले फाटक बंद होने से लगने वाली लंबी कतार के कारण रोजाना दिन के कई घंटे बरबाद हो जाते हैं। दोपहर को चिलचिलाती धूप और रात को सर्दी में फाटक बंद होने से दुपहिया वाहन चालकों को दो मिनट खड़े रहना भी नागवार गुजरता है। ऐसे में पहले निकलने की जल्दी में वाहन चालक जान जोखिम में डालने से भी गुरेज नहीं करते। चूरू स्टेशन पर कुल 28 गाड़ियों के आने-जाने पर चारों फाटक दिन में 56 बार बंद होते हैं। ऐसे में प्रत्येक फाटक यदि 10 मिनट बंद होता है तो नेशनल हाइवे-65 पर रोजाना करीब नौ घंटे आवागमन थम सा जाता है।
यूं बंद होते हैं फाटक
दूरभाष पर पिछले स्टेशन से गाड़ी रवानगी की सूचना मिलने पर चूरू जंक्शन से फाटक बंद कर दिया जाता है।
जरूरत ओवरब्रिज की
गाड़ियों के आवागमन से होने वाली रोजाना की परेशानी से मुक्ति के लिए बिसाऊ रोड और जयपुर रोड पर रेलवे ओवर ब्रिज बनने से समस्या का समाधान संभव है।
हाइवे पर भी जाम है आम
शहर के चारों रेलवे फाटकों के दिनभर में घंटों बंद रहने से यहां से गुजरते नेशनल हाइवे-65 पर जाम लगना आम बात है। जाम के कारण हरियाणा व पंजाब राज्यों से आने वाले भारी वाहन चालकों और शहरवासियों को काफी इंतजार करना पड़ता है।